कोटा। पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल के तहत ग्राम सींधन्या के मुक्तिधाम को ‘स्मृति वन’ के रूप में विकसित किया गया है। पर्यावरण प्रेमी एवं साहित्यकार जगदीश निराला ने बताया कि मिशन हरियाली मांगरोल के अंतर्गत दिवंगत परिजनों की स्मृति में विभिन्न छायादार एवं पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए गए।
उन्होंने बताया कि भाई मोहनलाल मेहरा के सहयोग से उनकी माता स्वर्गीय मोतिया बाई की स्मृति में लगाया गया पीपल का पौधा आज एक विशाल वृक्ष बन चुका है। वहीं स्वर्गीय मांगीलाल जी की स्मृति में लगाया गया बरगद भी अब अच्छी छाया देने लगा है।
इसी क्रम में स्वर्गीय मदन जी की स्मृति में बरगद, स्वर्गीय पुष्पा बाई की स्मृति में पीपल तथा स्वर्गीय बिशनी बाई की स्मृति में नीम का पौधा लगाया गया। इन पौधों के माध्यम से ग्राम सींधन्या के मुक्तिधाम को एक हरित स्मृति वन का स्वरूप दिया गया है।
जगदीश निराला ने इस अभियान की सफलता का श्रेय अपने मामा के पुत्र मोहनलाल मेहरा के विशेष सहयोग को देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अपनों की स्मृतियों को जीवंत रखने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है।
















