मोहन भागवत के बयान का समर्थन करने पर जमीयत नेता को कथित धमकी, कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
जम्मू-कश्मीर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान की सराहना करना जम्मू-कश्मीर के जमीयत अहले हदीस के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल लतीफ अल-किंदी के लिए कथित तौर पर परेशानी का कारण बन गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक कथित आतंकी संगठन ने उन्हें धमकी देते हुए उनके बयान पर आपत्ति जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने मुस्लिम समुदाय को भारत का समावेशी और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए कहा था कि भारत में मुसलमानों को लेकर किसी तरह का भय नहीं होना चाहिए। डॉ. अब्दुल लतीफ अल-किंदी ने इस बयान का स्वागत किया और इसे सकारात्मक पहल बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयानों का वास्तविक असर जमीन पर किस तरह दिखाई देता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
यूएलसी के नाम से धमकी का दावा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल-किंदी के बयान के बाद यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) के नाम से कथित तौर पर धमकी जारी की गई। इसमें अल-किंदी को RSS की ‘बी टीम’ बताते हुए उन्हें जमीयत अहले हदीस के नेतृत्व से हटाने की मांग किए जाने का दावा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अल-किंदी के समर्थन में खड़े होने वाले लोगों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई। इन कथित धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सतर्क होने की बात सामने आई है।
सांप्रदायिक सौहार्द के बयान पर विवाद
डॉ. अल-किंदी धार्मिक मंचों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द की बात करते रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा भागवत के बयान का स्वागत किए जाने के बाद सामने आई कथित धमकी ने जम्मू-कश्मीर में धार्मिक नेताओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को लेकर चर्चा तेज कर दी है।





