Friday, October 30, 2026
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गुरू शरीर नहीं बल्कि प्रिंसिपल है- प्रो. (डॉ.) संगीता सक्सेना 

कोटा/मंगलवार को राजकीय कला महाविद्यालय कोटा में गुरु-वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. रौशन भारती ने की और मुख्य वक्तव्य मेडिकल कॉलेज कोटा की पूर्व प्राचार्य प्रो. संगीता सक्सेना का रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा कोटा परिक्षेत्र के सहायक निदेशक प्रो. नवीन मित्तल रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती और महर्षि वेदव्यास के पूजन -वंदन से हुआ। इसके बाद गुरु-वंदन कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रोफेसर पूर्णचंद्र उपाध्याय ने विषय प्रवर्तन किया। इसके पश्चात् पाथेय प्रदान करते हुए प्रो. संगीता सक्सेना ने कहा कि गुरु किसी शरीर का नाम नहीं बल्कि गुरु प्रिंसिपल है जो जीवन जीने की प्रेरणा देता है। प्रत्येक प्राणी के भीतर गुरु विद्यमान है जो सृष्टि के संचालन में निरंतर कार्य करता रहता है। आपने इस अवसर पर पावन गुरु वंदना का पाठ भी किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. नवीन मित्तल ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का परिचय देते हुए गुरु वंदन का महत्व बताया। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्राचार्य प्रो. रौशन भारती ने कहा कि गुरु हमें यानि से पिंड को ब्रह्माण्ड से मिलाने का कार्य करता है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. महावीर साहू ने किया और धन्यवाद ज्ञापित प्रो.मनोज सिंघल ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो.शालिनी भारती

प्रो.दीपा चतुर्वेदी, प्रोफेसर संदीप सिंह चौहान, प्रोफेसर जया शर्मा प्रोफेसर संजय कुमार लक्की, प्रोफेसर विवेक शंकर, प्रोफेसर विवेक कुमार मिश्र, प्रोफेसर कल्पना शर्मा प्रो . रामावतार मेघवाल के साथ ही 80 संकाय सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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