राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए राजस्थान के दो शिक्षकों का चयन, 5 सितंबर को दिल्ली में होगा सम्मान
कोटा, 29 अगस्त। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए राजस्थान के दो शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें डॉ. दिव्येन्दु सेन, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पचपहाड़, झालावाड़ तथा डॉ. वर्तिका गुलाटी, राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, तुमली का वास, चाकसू, जयपुर शामिल हैं। दोनों शिक्षकों को आगामी 5 सितंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
इस उपलब्धि के अवसर पर शनिवार को अभियंता भवन, झालावाड़ रोड, कोटा में बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन तथा राष्ट्रीय साइंस एंड इनोवेशन सस्टेनेबिलिटी विषय पर वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विद्यालयों से आमंत्रित विज्ञान शिक्षकों ने हिस्सा लिया और विज्ञान, नवाचार तथा विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने से जुड़े अपने विचार साझा किए।
ग्रामीण विद्यार्थियों को विज्ञान से जोड़ने में अहम योगदान
कार्यक्रम में झालावाड़ जिले के पचपहाड़ से पहुंचे डॉ. दिव्येन्दु सेन के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित होने पर उनका स्वागत किया गया। सेवानिवृत्त उप मुख्य अभियंता बिगुल कुमार जैन ने डॉ. सेन का स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह उपलब्धि न केवल डॉ. सेन, बल्कि राजस्थान के शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. दिव्येन्दु सेन के मार्गदर्शन में ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों ने खगोल विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। विद्यार्थियों ने नवीन क्षुद्र ग्रहों (Asteroids) की खोज की, जिनमें से कुछ ने सूर्य के चारों ओर अपनी कक्षीय परिक्रमा भी पूरी की है। कार्यक्रम में बताया गया कि विद्यार्थियों के इन प्रयासों को NASA की ओर से भी स्वीकार किया गया है।
पीपलोदी हादसे के सात बच्चों को अनोखी श्रद्धांजलि
झालावाड़ के विद्यार्थियों ने पीपलोदी हादसे में जान गंवाने वाले सात बच्चों को अनूठे ढंग से श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया। इस पहल के तहत एक क्षुद्र ग्रह का नाम इन बच्चों की स्मृति से जोड़ने की घोषणा की गई। बताया गया कि प्रस्तावित नाम “Pramishka” सातों बच्चों के नामों के अक्षरों को जोड़कर तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में झालावाड़ से आए शिक्षक ने डॉ. सेन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के लिए चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके ब्लॉक, झालावाड़ जिले और संपूर्ण राजस्थान के लिए गौरव की बात है।
डॉ. दिव्येन्दु सेन ने जताया आभार
अपने सम्मान के लिए चयनित होने पर डॉ. दिव्येन्दु सेन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों, सहकर्मी साथियों, मार्गदर्शक शिक्षकों, अधिकारियों और शिक्षा विभाग के निरंतर सहयोग, विश्वास और प्रोत्साहन का परिणाम है।
उन्होंने विशेष रूप से अपने विद्यार्थियों का आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासा, मेहनत और उपलब्धियों के माध्यम से प्रत्येक नवाचार और प्रयास को सार्थक बनाया। उन्होंने अधिकारियों और शुभचिंतकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने समय-समय पर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया।
डॉ. सेन ने कहा कि सभी का स्नेह, शुभकामनाएं और आशीर्वाद उन्हें भविष्य में भी शिक्षा एवं विद्यार्थियों के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
5 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह राजस्थान के शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।







