सुपारी आयात में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की सीमा शुल्क चोरी का खुलासा, नौ गिरफ्तार
नई दिल्ली। राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने सुपारी के अवैध आयात से जुड़े एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए करीब 2,500 करोड़ रुपये की संभावित सीमा शुल्क चोरी का खुलासा किया है। मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, DRI की महीनों तक चली जांच में एक ऐसे गिरोह का पता चला, जो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से सुपारी का आयात कर उसे कथित तौर पर गलत तरीके से बांग्लादेश मूल का दर्शाता था। इसके बाद गिरोह दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (SAFTA) के तहत मिलने वाले रियायती सीमा शुल्क का कथित रूप से धोखाधड़ीपूर्ण लाभ उठाता था।
जांच में सामने आया कि आयातित सुपारी की वास्तविक उत्पत्ति छिपाकर उसे बांग्लादेशी मूल का बताया जाता था, जिससे आयातकों को कम सीमा शुल्क का लाभ मिल सके। DRI ने इस प्रक्रिया को SAFTA समझौते के प्रावधानों के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के रूप में चिन्हित किया है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि अब तक की जांच में सरकारी राजस्व को 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित नुकसान का अनुमान सामने आया है। मामले में गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
DRI इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, कंपनियों और लेनदेन की भी जांच कर रही है। मामले में सीमा शुल्क नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ SAFTA के तहत मिलने वाली रियायतों के कथित दुरुपयोग की परतें खंगाली जा रही हैं।





