भारत सिंह चौहान✍️
कोटा, 2 सितंबर / पर्यावरण संरक्षण एवं जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से प्रगति इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों को प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) के स्थान पर मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। यह आयोजन “हम लोग संस्था” के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान हम लोग संस्था के सदस्यों की टीम विद्यालय पहुंची और विद्यार्थियों को बिना रासायनिक रंगों के प्राकृतिक मिट्टी से छोटी गणेश प्रतिमा बनाने की कला सिखाई। संस्था के सदस्यों ने विद्यार्थियों को समझाया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी प्रतिमाएं जल में आसानी से घुलती नहीं हैं और इनके विसर्जन से जल स्रोतों एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसके विपरीत मिट्टी से बनी प्रतिमाएं पर्यावरण के अनुकूल होती हैं।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। बच्चों में इस कला को सीखने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने न केवल मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सीखा, बल्कि आगामी गणेश उत्सव पर अपने घरों में भी मिट्टी की प्रतिमा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का संकल्प लिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या “डॉ. फेमिना” ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चों को जागरूक करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम लोग संस्था द्वारा पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जो सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में प्रति एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का स्टाफ भी उपस्थित रहा और आयोजन में सहयोग प्रदान किया। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता और उत्साह देखते ही बन रहा था।
हम लोग संस्था – के इस प्रयास की सराहना करते हुए उम्मीद जताई गई कि पर्यावरण हितैषी गणेश प्रतिमा निर्माण जैसी पहल आने वाले समय में अधिक से अधिक विद्यालयों एवं संस्थानों तक पहुंचेगी और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक बदलाव लाएगी।





