बहराइच। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ हुई।
इसके बाद रेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच ब्रॉड गेज रेलखंड के गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। करीब 56.15 किलोमीटर लंबे रेलखंड को ब्रॉड गेज में परिवर्तित कर विद्युतीकृत किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत आई है।
चार ट्रेन सेवाओं का नेपालगंज रोड तक विस्तार
क्षेत्र में यात्री सुविधाओं और रेल संपर्क को बढ़ाने के लिए रेलवे ने चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक करने को मंजूरी दी है।
इनमें—
14213/14214 वाराणसी–बहराइच एक्सप्रेस
15132/15131 वाराणसी सिटी–गोरखपुर एक्सप्रेस
75109/75110 गोंडा–बहराइच ट्रेन
75111/75112 गोंडा–बहराइच ट्रेन
शामिल हैं।
इन ट्रेनों के विस्तार से नेपालगंज रोड और आसपास के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी सहित अन्य प्रमुख शहरों तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
नेपाल में बाढ़ को लेकर भारत ने जताई चिंता
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नेपाल में प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे भी प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित भारत पहुंचाने और उनके गंतव्य तक पहुंचने में सहायता कर रहा है। इसके लिए विशेष कोच और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। रेलवे बोर्ड संबंधित रेलवे जोन, जिला एवं राज्य प्रशासन तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटा है।
सीमावर्ती क्षेत्र में विकास को मिलेगी गति
नेपालगंज रोड–नानपारा–बहराइच रेलखंड के ब्रॉड गेज और विद्युतीकरण से सीमावर्ती क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ यात्री आवागमन आसान होगा। बेहतर रेल संपर्क से पर्यटन, व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों की आवाजाही को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेल संपर्क मजबूत होने से भारत के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ नेपाल से आने-जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है।





