गाजे-बाजे के साथ नामांकन… फिर हाथ से फिसला कांग्रेस का सिंबल! शालिनी गौतम के टिकट पर ऐनवक्त ‘खेला’
कोटा के वार्ड-88 में कांग्रेस के टिकट को लेकर आखिरी वक्त में ऐसा सियासी उलटफेर हुआ कि नामांकन के बाद भी कहानी अधूरी रह गई। निवर्तमान पार्षद और कोटा महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने पूरे लाव-लश्कर और गाजे-बाजे के साथ कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन तो दाखिल कर दिया, लेकिन ऐन वक्त पर कांग्रेस का सिंबल उनके हाथ नहीं आया।
नामांकन तक समर्थकों में जोश था, लेकिन सिंबल के सवाल पर पूरा सियासी गणित बदल गया। बताया जा रहा है कि पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी और टिकट को लेकर खींचतान का असर वार्ड-88 में देखने को मिला।
अब असली चुनावी सस्पेंस शुरू हो गया है—शालिनी गौतम कांग्रेस के बिना चुनावी मैदान में उतरेंगी या अपना पर्चा वापस लेकर कदम पीछे खींचेंगी?
अगर शालिनी निर्दलीय मैदान में उतरती हैं तो मुकाबला और भी रोचक हो सकता है। वहीं, अगर नामांकन वापस लिया तो सवाल उठेगा कि आखिर आखिरी वक्त पर ऐसा क्या हुआ कि गाजे-बाजे के साथ शुरू हुआ नामांकन का सफर सिंबल के बिना ही रह गया?
वार्ड-88 में अब टिकट से ज्यादा चर्चा ‘अगला कदम क्या होगा?’ पर है।






