कोटा निगम चुनाव में 64.78% मतदान, ईवीएम खराबी से लेकर फर्जी मतदान के आरोप तक, कई जगह दिखा चुनावी माहौल गर्म
कोटा। नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार को कोटा शहर में मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। मतदान शाम 6 बजे तक चला और अंतिम आंकड़ों के अनुसार 64.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शहर में कुल 8 लाख 26 हजार 923 मतदाताओं के लिए 815 मतदान केंद्र बनाए गए थे। अब प्रत्याशियों की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं।
वार्ड 22 में ईवीएम खराब, करीब 20 मिनट प्रभावित रहा मतदान
मतदान के दौरान स्वामी विवेकानंद नगर के वार्ड संख्या 22 के भाग संख्या 2 में ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते करीब 20 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा और बूथ पर पहुंचे मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। तकनीकी समस्या दूर किए जाने के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।
वार्ड 3 में सूची में अंतर से कुछ समय रुका मतदान
वहीं वार्ड संख्या 3 के भाग संख्या 3 और 3ए में बीएलओ की सूची और मतदान केंद्र की सूची में अंतर सामने आने के बाद कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने पर मंत्री मदन दिलावर और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
मतदान शुरू होने से पहले बूथ पहुंचे मदन दिलावर
मंत्री मदन दिलावर मतदान शुरू होने से करीब 15 मिनट पहले ही बूथ पर पहुंच गए थे। मतदान शुरू होने तक उन्हें इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वे कई बार घड़ी देखते नजर आए। बाद में उन्होंने अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर मतदान किया।
ओम बिरला सहित कई नेताओं ने किया मतदान
नगर निगम चुनाव में प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने भी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वार्ड 83, मंत्री मदन दिलावर ने वार्ड 52, ऊर्जा मंत्री ने वार्ड 94 और विधायक संदीप शर्मा ने वार्ड 27 में मतदान किया।
कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू ने भी लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मतदान व्यवस्था का जायजा लिया।
स्वराज एन्क्लेव में स्थानीय लोगों ने किया मतदान बहिष्कार
वार्ड संख्या 9 के स्वराज एन्क्लेव में स्थानीय लोगों द्वारा मतदान के बहिष्कार की सूचना सामने आई। स्थानीय स्तर पर लोगों की नाराजगी के चलते यहां चुनावी गतिविधियां चर्चा में रहीं।
वार्ड 23 में मारपीट के आरोप से बढ़ा विवाद
वार्ड संख्या 23 में मतदान के दौरान विवाद की स्थिति सामने आई। कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेंद्र जांगिड़ ने भाजपा प्रत्याशी आरडी वर्मा पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए महावीर नगर थाने में शिकायत दी।
वहीं आरडी वर्मा ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि बूथ परिसर में पार्टी का झंडा लहराने से मना करने पर विवाद हुआ और उन्होंने संबंधित व्यक्ति को धक्का देकर बूथ परिसर से बाहर किया था। वर्मा ने भी अपने साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया।
दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वार्ड 33 और 96 में पहले से मतदान होने के आरोप
मतदान के दौरान कुछ जगह मतदाताओं द्वारा उनके नाम से पहले ही वोट डाले जाने के आरोप भी लगाए गए।
वार्ड संख्या 33 में कुछ मतदाताओं ने दावा किया कि जब वे मतदान करने पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम से पहले ही मतदान हो चुका है। इसी तरह वार्ड संख्या 96 की मोहिनी बाई ने भी आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि उनके नाम से पहले ही वोट डाला जा चुका है।
इन मामलों को लेकर मतदाताओं में नाराजगी देखने को मिली। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही मानी जाएगी।
वार्ड 29 में दबाव बनाने का आरोप, प्रहलाद गुंजल पहुंचे
वार्ड संख्या 29 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रत्याशी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली।
पहली बार वोट डालने जयपुर से कोटा पहुंचीं प्लक्षा जैन
नगर निगम चुनाव में युवा मतदाताओं की भागीदारी भी देखने को मिली। वार्ड संख्या 57 में पहली बार मतदान करने वाली जेन-जी मतदाता प्लक्षा जैन विशेष रूप से जयपुर से कोटा पहुंचीं और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहली बार मतदान को लेकर उनमें उत्साह देखने को मिला।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1600 पुलिसकर्मी तैनात
नगर निगम चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शहर में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए। मतदान के दौरान करीब 1600 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे। संवेदनशील और महत्वपूर्ण मतदान केंद्रों पर पुलिस की विशेष निगरानी रही।
अब 14 सितंबर को आएगा चुनावी फैसला
शुक्रवार को मतदान संपन्न होने के साथ ही नगर निगम चुनाव का अगला महत्वपूर्ण चरण मतगणना है। 14 सितंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। 64.78 प्रतिशत मतदान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को परिणाम का इंतजार है। मतदान के दौरान सामने आई तकनीकी समस्याओं, विवादों और विभिन्न आरोपों के बीच अब अंतिम फैसला मतगणना के बाद सामने आएगा।





