आदित्य नामावली ……
लिखौ गयौ है अत्यधिक, इहिं भानु के नाम ।
ऊर्जा देवै हर समय, करतौ सबकौ काम ।।
अदिति कौ है पुत्र यह, आदित्य भयौ है नाम ।
आभा भी दे तौ हमें, ऊर्जा को है धाम ।।
दिनकर आदिदेव रवि, प्रभाकर भानु,आक ।
छूवै जो आदित्य कूं, जला करै है खाक ।।
दिनेश मित्र मार्तंड रवि, सूरज भग, मंदार ।
विष्णु इंद्र हंस पतंग, यही नाम साकार ।।
आदित्य नाम मां रखौ, जननी करती प्यार ।
अरुण अंशुमाली यही, अदिति मां कौ प्यार ।।
सविता भगत विहंगम, रखौ अर्क सौ नाम ।
पाले पोशै सबन कूं, ऊर्जा देनौ काम ।।
सौरमंडल में गृह बहुत, सविता एकु प्रधान ।
निशि दिन ऊर्जा दान कर, चमकाता है जहान ।।
भानु रहतौ केंद्र में, ग्रह पकड़े हैं राह ।
सौरमंडल ऐसौ ही है, वाह रे आदित्य वाह ।।
भगत ही बड़ो पिंड है, वाकी चींटी माहि ।
गरम गैस गोला भयौ, ऊर्जा घटती नाहिं ।।
पतंग है सबसे बड़ौ, ग्रह हैं छोटा रूप ।
बाकी राई से दिखें, सबकौ रूप अनूप ।।
सबको रूप अनूप…
सबको रूप अनूप….
रचना_ के सी राजपूत, कोटा ।
साहित्य रचना-आदित्य नामावली* कालीचरण राजपूत, कोटा





