कोटा/इटावा/अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खण्ड इटावा के तत्वावधान में संविधान निर्माता डाॅ भीमराव अंबेडकर बाबा साहेब के जन्म जयंती सप्ताह समरसता दिवस के उपलक्ष में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसने मुख्य अतिथि पूर्व विधायक माननीया चंद्रकांता मेघवाल, अध्यक्ष पूर्व नगर पालिका चेयरमैन एवं प्रदेश प्रवक्ता महिला मोर्चा रजनी सोनी, मुख्य वक्ता श्याम बिहारी नागर, सह-विभाग कार्यवाहक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोटा विभाग,विशिष्ट अतिथि नवल शर्मा, देवकीनन्दन सुमन, नन्दकिशोर मीणा, बुद्धिप्रकाश मीणा,रासबिहारी यादव, सत्येंद्र सिंह निमोला, खण्ड इटावा अध्यक्ष विष्णु मीणा कालारेवा आदि ने की। मंत्री बेनीप्रसाद यादव ने बताया
इस अवसर पर राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ गीतकार मुकुट मणि राज ‘ शीश कटे धड़ लड़े युद्व में,गर्म लहू के दान की है ! ये धरती राजस्थान की है ‘ हास्य कवि गिरिराज आमेटा ‘ सुण सुण रे म्हारा यार, म्हनै छोटी मिली रे नार, वीर रस के कवि राजेन्द्र गौड़़ ‘मुन्ने की माँ जैसे रहती हो किसी स्वांग में, पगली अब भी मिट्टी भर लेती है अपनी मांग में, कवयित्री उमा मीणा ‘कभी यो मूंडो देखे रे,कभी यो साड़ी देखे रे,लागै छै के छोरो अब तो पागल होग्यो रे, कवि रूपनारायण’ संजय, ‘ हाड़ौती दर्शन का गीत ‘ जय बोलो राजस्थान की, जय बोलो हाड़ौती गान की, कवि कवयित्री नैना नसीब ‘ चांद की बिंदिया लगा के आयी बोलो ना चमकाउं क्या, कवि भूपेंद्र राठौड़ ,’ शुक्रवार को चांद सितारे वाले झंडे लाए जाते हैं ,फिर कहते हैं डर लगता है इस भारत में जब शुक्रवार को पिछवाड़े पर लठ्ठ बजाए जाते हैं’ कवि राजेन्द्र पंवार ने ‘गजब का जज्बा था सरफरोशी पर जाकर लिख ही दिया नाम एल ओ सी पर , कवि अखिलेश’ अखिल ” बाल रूप संग प्यारो राम दरबार सज्यो, राजधानी अयोध्या पधार्या राजाराम जी, हास्य व्यंग्य कार दुर्गा शंकर ‘धांसू ने ‘ भगवान यो कस्यो रामराज्य आयो छै,धरती पै पाप तो बढतो ई जा र्यो छै ,ने कविता पाठ किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विधालय शिक्षा खण्ड इटावा के पदाधिकारीगण राजेन्द्र सत्तावन, गिरजा शंकर गुप्ता, बाबूलाल मीणा,महेन्द्रपाल मीणा, रामावतार मीणा, रमेश चंद नागर, बेनीप्रसाद यादव, परसुराम गौचर, कमलाशंकर कुशवाह, कुलदीप मीणा, राजेश लक्षवाल, प्रेम कुमार मीणा, यदुनन्दन शर्मा, सतीश गुप्ता, राधामोहन शर्मा,इंद्रराज मीणा, कुलदीप मीणा, महेंद्र गौचर, दिनेश जाट, नागाराम वैष्णव,शब्बीर हुसैन अंसारी, ओमप्रकाश शर्मा,रंगलाल रावत, मोहनलाल पारेता, आदि की उपस्थिति रही।
अंत में प्रेम कुमार शास्त्री कार्यक्रम संयोजक ने सभी कविगणो , पदाधिकारियों और श्रोता गणों का आभार व्यक्त किया।






