कोटा/वृंदावन। आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर 2026 को वृंदावन में आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय विश्व ज्योतिष, ऑकल्ट, वास्तु, आयुर्वेद, योग एवं वेद महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा करते हुए विभिन्न समितियों का गठन किया गया तथा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
ज्योतिष आचार्य पूरन सोनी (कोटा) ने विशिष्ट जानकारी देते हुए बताया कि यह महासम्मेलन भारतीय वैदिक संस्कृति, ज्योतिष विज्ञान, योग, आयुर्वेद एवं वेद ज्ञान के प्रचार-प्रसार का एक ऐतिहासिक आयोजन होगा। देशभर से ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ, योगाचार्य, संत-महात्मा, शोधकर्ता एवं वैदिक विद्वान इसमें भाग लेंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगंतुकों के आवास, भोजन, पंजीयन, मंच संचालन, प्रचार-प्रसार, अतिथि सत्कार, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु अलग-अलग समितियों का गठन किया जाएगा। सभी समितियों को समयबद्ध कार्ययोजना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए गए।
महासम्मेलन के मुख्य संयोजक एवं वैदिक गुरुकुल के संस्थापक अध्यक्ष अजय कुमार श्यामानंदी ने कहा कि आयोजन को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। सम्मेलन में वैदिक ज्ञान, ज्योतिष विज्ञान, योग, आयुर्वेद, वास्तु एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर विशेष व्याख्यान, शोध चर्चा एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित होंगे।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी सदस्यों ने श्रद्धालुओं एवं विद्वानों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाने का भी निर्णय लिया।
विशेष आकर्षण के रूप में 19 सितंबर को श्रीमती राधा रानी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य भजन संध्या एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी।
बैठक में समिति सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महासम्मेलन वैदिक संस्कृति, ज्योतिष एवं आध्यात्मिक ज्ञान के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगा तथा वृंदावन को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं वैदिक शोध केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







