Tuesday, October 27, 2026
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ईथॉस अस्पताल में 18 माह में 2,500 से अधिक सफल शल्य क्रियाएं

भारत सिंह चौहान

कोटा। हाड़ौती क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय प्रशिक्षण को नई दिशा देते हुए ईथॉस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में रविवार को “एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक मैनेजमेंट ऑफ एब्डॉमिनल वॉल हर्नियाज” विषय पर एक दिवसीय लाइव CME सर्जिकल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 70 से अधिक चिकित्सकों और पीजी विद्यार्थियों ने भाग लेकर उन्नत हर्निया सर्जरी तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया।

निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया कि यह कार्यशाला नई दिल्ली के वरिष्ठ मिनिमल एक्सेस एवं जीआई सर्जन डा प्रवीण भाटिया व ईथॉस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट एवं क्लिनिकल लीड डॉ. रोहित दधीच के मार्गदर्शन मे सम्पन्न हुई।

डॉ. रोहित दधीच ने बताया कि CME का उद्देश्य सर्जनों को हर्निया उपचार की नवीनतम और वैज्ञानिक तकनीकों से परिचित कराना है। वर्कशॉप में टीईपी, टैप, ई-टीईपी, आईपीओएम प्लस, जटिल वेंट्रल हर्निया रिपेयर और कम्पोनेंट सेपरेशन जैसी उन्नत लैप्रोस्कोपिक सर्जिकल उन्नत प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया।

डॉ. दधीच ने बताया कि पिछले 18 माह में ईथोस हॉस्पिटल में 700 से अधिक हर्निया सर्जरी सहित लगभग 2,500 जटिल मामलों का सफल उपचार किया जा चुका है,डॉ. दधीच ने कहा कि दूरबीन तकनीक से की जाने वाली हर्निया शल्य चिकित्सा में रोगी को कम पीड़ा, न्यूनतम रक्तस्राव, त्वरित स्वास्थ्य लाभ एवं संक्रमण का कम जोखिम रहता है। जिससे ईथॉस अस्पताल क्षेत्रीय स्तर पर एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

ईथॉस हॉस्पिटल के निदेशक प्रदीप दधीच ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक आयोजन हाड़ौती में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईथॉस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाएं, क्रिटिकल केयर तथा विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय मरीजों को महानगरों जैसी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

ईथॉस अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से अब कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ एवं मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही समय पर उपचार मिल सकेगा।कार्यशाला के आयोजन अध्यक्ष एवं ईथोस अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता व नैदानिक प्रमुख डॉ. रोहित दधीच के नेतृत्व में यह आयोजन संपन्न हुआ। नई दिल्ली के वरिष्ठ न्यूनतम चीरा एवं जठरांत्र शल्य चिकित्सक डॉ. प्रवीण भाटिया मुख्य विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे और अपने दीर्घ अनुभव से प्रतिभागी चिकित्सकों को लाभान्वित किया।

डॉ. दधीच ने बताया कि कार्यशाला में दूरबीन शल्य चिकित्सा की विभिन्न उन्नत तकनीकों एवं जटिल हर्निया की शल्य प्रक्रियाओं का सजीव प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागी शल्य चिकित्सकों को उच्च विभेदन सजीव शल्य क्रिया के सीधे प्रसारण के साथ-साथ संवादात्मक प्रकरण चर्चा एवं विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्राप्त हुआ।

ईथोस अस्पताल के निदेशक प्रदीप दधीच ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन हाड़ौती क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के प्रसार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से क्षेत्र के चिकित्सकों को नवीनतम उपचार पद्धतियों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण मिलता है, जिसका सीधा लाभ कोटा एवं हाड़ौती की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में प्राप्त होता है।

कार्यक्रम प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित रहा, जिसमें प्रतिभागियों को जलपान, मध्याह्न भोजन एवं सतत चिकित्सा शिक्षा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। संध्याकाल 7:00 बजे होटल कंट्री इन एंड सूट्स, कोटा में विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया।

उल्लेखनीय है कि ईथोस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, हाड़ौती क्षेत्र का प्रमुख बहु-विशेषज्ञ अस्पताल है, जहां उन्नत दूरबीन शल्य चिकित्सा, मोटापा शल्य चिकित्सा, जठरांत्र शल्य चिकित्सा, गहन चिकित्सा एवं उन्नत रोग निदान सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं।

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