कोटा.शहरों का तेजी से विकास हो रहा है और लगातार वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है और इसी के चलते दुर्घटनाएं भी अधिक हो रही है और युवाओं की जान जा रही है, ऐसे में हमें ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए साथ ही समय से पहले हमें सफर पर निकालना चाहिए ताकि हम आराम से गाड़ी चला कर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। यह बात आरटीओ के निरीक्षक देवेंद्र जोशी ने कहीं। तीन बत्ती स्थित जोशीको ड्राइविंग स्कूल के बाहर यातायात नियमों व सड़क सुरक्षा पर आधारित फोटो, चित्रों व वर्चुअल यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसका उद्घाटन आरटीओ इंस्पेक्टर देवेंद्र जोशी , कोटा सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल सचिव भुवनेश गुप्ता व जोशिको ड्राइविंग के संस्थापक धीरेंद्र कुमार जोशी के कर कमलों से हुवा । परिवहन विभाग , यातायात विभाग व कोटा सड़क सुरक्षा समिति दाता के सहयोग से जोशिको ड्राइविंग स्कूल तीन बत्ती दादाबाड़ी चौराहे पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें पोस्टर के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करना, दुर्घटना से देर भली, समय से पूर्व घर से निकलना, सर्दी , गर्मी, बरसात एवं रात को वाहनों को किस तरह से चलाया जाए सहित अन्य जानकारियां दी गई। कोटा सड़क सुरक्षा समिति के सह सचिव भुवनेश गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में संयोजक तनु जोशी व धीरेंद्र कुमार जोशी थे उन्होंने युवाओं को गाड़ी चलने के दौरान क्या सावधानियां बरतनी है, इस पर विशेष फोकस किया गया, उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है, प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया कि नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। तनु जोशी व्यवस्थापक जोशिको ड्राइविंग स्कूल ने सिमिलेटर मशीन के बारे में बताया कि नया कोई व्यक्ति ड्राइविंग सीखता है तो उसे किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए, इसके साथ ही उन्होंने ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी। कोटा सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोग पेट्रोल बचाने और समय बचाने के चलते बड़ी परेशानियां मोल लेते हैं और दुर्घटनाग्रस्त होते हैं, ऐसे लापरवाहियों से हमें बचाना चाहिए। सह सचिव भुवनेश गुप्ता ने कहा कि हमें स्वयं सावधानी बरतनी होगी, सामने जो व्यक्ति गाड़ी चला रहा है वह अनजान भी हो सकता है, ऐसे में स्वयं की सतर्कता सुरक्षा एवं एकाग्रता बेहद जरूरी है। प्रदर्शनी के माध्यम से पोस्टर में कई संदेश, स्लोगन से लोगों को जागरूक किया गया साथ ही हाईवे पर गाड़ी चलाना और शहर के अंदर गाड़ी चलाने का भी अंतर बताया गया। इस अवसर पर निर्देशक धीरेन्द्र जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं को आव्हान किया कि वह गाडी धीमि गति से चलाए। कार्यक्रम में प्रशिक्षक मुकेश शुक्ल ,सत्यनारायण, श्याम सिंह हाडा, महेंदर सिंह, भ्रमाचारी, रामावतार गुजर, जोशिको शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था से विष्णु कान्त शर्मा, उमेश जोशी, मोनिका जैन, ओम प्रकश शर्मा, विवक शर्मा, राजेंदर जैन, डॉ चंद्रभान सिंह राजावत, विजय जैन, दीपक शर्मा, मनोज जैन, भूपेंद्र महेश्वरी, शंकर, मोनू उपस्थित रहे।






