भारत सिंह चौहान
कोटा /भीषण गर्मी के बीच पक्षियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर, कोटा-बारां एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ, कोटा दक्षिण द्वारा चलाया जा रहा “परिंदों के लिए परिंडा अभियान” निरंतर जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नयागांव तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शिवपुरा में परिंडे बांधकर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम संयोजक दिनेश कुमार मीणा एवं कमल कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत पेड़ों और सार्वजनिक स्थानों पर मिट्टी के परिंडे लगाए गए, जिनमें नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरने की जिम्मेदारी भी तय की गई। इस पहल का उद्देश्य गर्मी के मौसम में प्यास से जूझ रहे पक्षियों को राहत देना और आमजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
शर्मा एवं मीणा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी नरेंद्र कंसूरिया थे । अध्यक्षता शिक्षा सहकारी अध्यक्ष एवं स्काउट गाइड स्थानीय संघ सचिव प्रकाश जायसवाल ने की , मंत्री जमनालाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि रहे । मुख्य अतिथि कांसुरिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में केवल मानव की ही चिंता नहीं की वरन पशु पक्षी एवं पेड़ पौधों की भी चिंता की है । उसी का परिणाम है कि अब बढ़ती गर्मी को देखते हुए पक्षियों के दाने पानी की व्यवस्था की जा रही है।उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान देते हैं। शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि संस्था द्वारा हर वर्ष गर्मी के मौसम में यह अभियान चलाया जाता है और अधिक से अधिक स्थानों पर परिंडे लगाए जाते हैं, ताकि पक्षियों को पर्याप्त पानी मिल सके।
सभा के मंत्री जमनालाल गुर्जर ने कहा कि यह अभियान केवल सेवा का कार्य नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता विकसित करने का भी माध्यम है। अभियान के संयोजक दिनेश कुमार मीणा एवं कमल कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा तथा अधिक विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं स्काउट-गाइड के सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक परिंडे बांधने और उन्हें नियमित रूप से पानी भरने का संकल्प लिया।
अभियान के माध्यम से न केवल पक्षियों को राहत मिल रही है, बल्कि युवा पीढ़ी में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का संदेश भी प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। आयोजकों ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास के स्थानों पर परिंडे लगाकर इस पुनीत कार्य में सहयोग करें।















