कोटा/जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणाम में मोशन एजुकेशन ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। सोमवार शाम तक प्राप्त परिणामों के अनुसार संस्थान के 5 विद्यार्थियों ने अपनी केटेगिरी के ऑल इंडिया टॉप 100 में जगह बनाई है, जबकि संस्थान का कुल क्वालिफाइंग रेशियो करीब 50 प्रतिशत रहा।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि हमारे जिन स्टूडेंट्स ने अपनी केटेगिरी के ऑल इंडिया टॉप 100 में जगह बनाई उनमें अर्णव राज ओबीसी 57, तुषार श्याम बजाज ईडब्ल्यूएस 58, सुशांत अग्रवाल जनरल 59, आलोक यादव ओबीसी 67 और पंवार आर्य प्रशांत ओबीसी रैंक 72 शामिल हैं। मोशन के करीब 3000 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी थी। उनमें से 1500 ने क्वालीफाई किया है। जनरल, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी केटेगिरी के टॉप 2000 में 70 विद्यार्थी मोशन एजुकेशन से आए हैं।
सफलता का जश्न मनाया
इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मोशन एजुकेशन के द्रोणा-2 कैम्पस में सोमवार शाम सफलता का भव्य जश्न मनाया गया। टॉपर्स और उनके अभिभावकों का जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया गया। विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टाफ ने केक काटकर, ढोल बजवाकर नृत्य किया तथा आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। समारोह में ज्वाइंट डायरेक्टर एवं जेईई डिवीजन हेड रामरतन द्विवेदी, डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ फैकल्टी मौजूद रहे।
टॉपर्स ने दिए कामयाबी के फंडे
समारोह में टॉपर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कोटा और मोशन का अनुशासित एवं प्रेरणादायक माहौल उनकी सफलता की मजबूत आधार बना। यहां की अनुभवी और सपोर्टिव फैकल्टी, डेली सेल्फ स्टडी, रेगुलर मॉक टेस्ट और टॉपिक-वाइज शॉर्ट नोट्स ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। केवल अंतिम महीनों की पढ़ाई से सफलता नहीं मिलती, बल्कि निरंतर मेहनत, सही रणनीति और क्लासरूम गाइडेंस को नियमित फॉलो करना जरूरी होता है। एडवांस्ड में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ फोकस, मानसिक क्षमता और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स भी बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया और लगातार नोट्स बनाकर रिवीजन की आदत डाली। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। नियमित मॉक टेस्ट और उनके सेल्फ एनालिसिस से उन्होंने टाइम मैनेजमेंट और एक्यूरेसी में सुधार किया।
जोसा काउंसलिंग आज से
जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों के लिए अगला बड़ा चरण जोसा काउंसलिंग का है। 2 जून से जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग शुरू होगी। अभ्यर्थी अपनी रैंक, कैटेगरी और सीटों की उपलब्धता के आधार पर आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी तथा अन्य प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के लिए विकल्प भर सकेंगे। इसके बाद विभिन्न राउंड्स में सीट आवंटन किया जाएगा। नितिन विजय ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे कॉलेज और ब्रांच का चयन सोच-समझकर करें तथा अंतिम तिथि से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी कर लें।
दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है जेईई एडवांस्ड
भारत की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा- ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम एडवांस्ड पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित होती है। जेईई एडवांस्ड 2026 का आयोजन 17 मई को हुआ, जिसमें दो अनिवार्य पेपर लिए गए। प्रत्येक पेपर को हल करने के लिए 3-3 घंटे का समय दिया गया। दोनों पेपरों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस वर्ष प्रत्येक पेपर में कुल 51 प्रश्न थे, यानी हर विषय में 17-17 प्रश्न पूछे गए। दोनों पेपर मिलाकर कुल 102 प्रश्न और 360 अंक निर्धारित थे। जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के लिए पहले चरण की परीक्षा जेईई मेन क्वालिफाई करना अनिवार्य होता है, जिसका आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करती है। वहीं, जेईई एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन हर वर्ष देश के सात प्रमुख आईआईटी-खड़गपुर, कानपुर, मद्रास, दिल्ली, बॉम्बे, गुवाहाटी और रुड़की-में से कोई एक संस्थान करता है। वर्ष 2026 में इस परीक्षा का आयोजन आईआईटी रुड़की ने किया।





