कोटा। केशवपुर स्थित पाबूजी महाराज मंदिर में संचालित बाल संस्कारशाला में बच्चों को नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणादायक शिक्षा दी गई। यह कार्यक्रम अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं भारत विकास परिषद, लक्ष्मीबाई शाखा के संयुक्त सौजन्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिमा जोशी द्वारा प्रेरणादायक गीत के साथ हुआ। इसके बाद उषा राठौड़ ने बच्चों को योग, प्राणायाम एवं प्रज्ञा योग का अभ्यास कराया और नियमित योग के लाभों से अवगत कराया।
स्नेहलता दीदी ने प्रेरणादायक कविता पाठ के माध्यम से बच्चों में नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का संचार किया। वहीं नंदकुवर राठौड़ दीदी ने बच्चों को गायत्री मंत्र, उसका भावार्थ तथा सात संकल्पों का महत्व समझाते हुए उनका सामूहिक संकल्प भी कराया।
कार्यक्रम में उषा राठौड़ दीदी ने चार्ट के माध्यम से सात्विक, राजसिक और तामसिक भोजन के बीच का अंतर समझाया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए सात्विक भोजन अपनाना चाहिए तथा मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूरी बनाकर अध्ययन, खेलकूद और संस्कारों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद, लक्ष्मीबाई शाखा की बहनों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय सहयोग प्रदान किया। बाल संस्कारशाला में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई और भारतीय संस्कृति, अनुशासन तथा स्वस्थ जीवन के महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किए।






