बूंदी/हिंडोली।भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटेक चैप्टर बूंदी की ओर से हिंडोली के देवनारायण आवासीय बालिका विद्यालय में विरासत बचाओ अभियान के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए चैप्टर संयोजक राजकुमार दाधीच ने कहा आज हमें हमारी विरासत को सहेजने की आवश्यकता है। मां से प्राप्त सभी तत्व विरासत हैं। मायड़ भाषा से लेकर पहनावा , खानपान, संस्कृति और परंपराएं शामिल हैं। हमारे किले, बावड़िया, हवेलियों , छतरियों, आदि मॉन्यूमेंट को बचाने की जिम्मेदारी आम लोगों की भी है ।
दाधीच ने हिंडोली इलाके को पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला बताते हुए कहा कि हिंडोली की यह बालिकाएं अपने परिवार के लोगों को प्रेरित कर विरासत को बचाने का कार्य कर पर्यटन को बढ़ाने का कार्य करे। हिण्डोली तो जनजन के कवि महाकवि सूर्यमल्ल की जन्म स्थली हैं।
इंटेक सह संयोजक राजेंद्र भारद्वाज ने कार्यशाला में कहा कि इंटेक लगातार धरोहरों को संरक्षित करने का कार्य कर रही हैं।
इंटेक के सदस्य मनीष सिसोदिया ने बालिकाओं को साफा बांधने की कला के गुर बताते हुए उन्हें साफा बांधना बताया दो लड़कियों ने उनके निर्देशन में सफलता पूर्वक साफा बांध कर तालिया बटोरी
सूर्यमल्ल मिश्रण के प्रपौत्र खुमान सिंह ने इतिहास की कई बातों की जानकारी दी।
साहित्यकार दिलीप सिंह ने हिंडोली के किले की दुर्दशा को बताते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता बताई।
इससे पूर्व प्राचार्य प्रमोद वर्मा सहित सभी इंटेक सदस्यों के साथ माँ सरस्वती की प्रतिमा के पास दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया । प्राचार्य प्रमोद वर्मा को इंटेक की और से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस अवसर पर पौधारोपण भी किया गया।
इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें राधा रानी, सुमन रेबारी, कृष्णा गुर्जर आदि ने पुरस्कार प्राप्त किये।
कार्यशाला में इतिहासकार डॉ.दिल प्रसन मीणा ,मुकुल रेवाल, मोहन लाल, रमेश चन्द्र भाटी, चंद्र प्रकाश आदि भी उपस्थित रहे।

















