कोटा। वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गोवर्धन पूजन एवं छप्पन भोग दर्शन का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से भगवान गिरिराजधारी श्रीकृष्ण को विविध प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी प्रेम भाटिया, श्रीराम मंदिर से पधारे अर्जुन सिंह चंदेल, राजेंद्र चावला एवं भारत भूषण खत्री उपस्थित रहे।
व्यास पीठ पर विराजमान पूजनीय सुश्री दीदी श्री श्री ने सभी अतिथियों का गीता पुस्तक भेंट कर सम्मान किया। वहीं समाजसेवी अरुण भार्गव, यज्ञदत्त हाड़ा ,पंकज शर्मा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने दुपट्टा पहनाकर अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया। सिंधी समाज के जाने-माने होलसेल व्यापारी समाजसेवी धर्म प्रेमी हरीश रावतानी श्रीमती रावतानी ने कथा सुनने वालों को अपनी ओर से उपहार भेंट करें सभी अतिथियों ने भगवान की महाआरती में भाग लेकर धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
अपने उद्बोधन में प्रेम भाटिया ने कहा कि बच्चों में संस्कार निर्माण के लिए चल रहे ऐसे शिविर समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने शिविर के समापन समारोह में भी उपस्थित रहने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, धर्म एवं सामाजिक एकता को सुदृढ़ बनाने का कार्य करते हैं।
महंत गोविंदाचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता रही। श्रद्धालु अपने-अपने घरों से प्रसाद एवं भोग सामग्री लेकर आए और भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित की। सामूहिक
सहभागिता एवं सेवा भाव ने सामाजिक समरसता का अनुपम संदेश दिया।
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजश्री सिंह ने कहा कि जब समाज बिना किसी भेदभाव के एक परिवार की तरह कार्य करता है, तभी वास्तविक सामाजिक समरसता स्थापित होती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा, संस्कार एवं सहयोग की भावना को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वैदिक बाल संस्कार शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं का सम्मान भी किया गया। बालिकाओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं संस्कारमयी गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से सराहना की।
गोवर्धन पूजन, छप्पन भोग दर्शन, भजन-कीर्तन एवं श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता से संपूर्ण वातावरण कृष्णमय और भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।





















