कोटा। कोटा न्यायालय के प्रस्तावित भवन की नयापुरा में हरी भरी साइट को खत्म करने 129 विभिन्न संरक्षित प्रजातियों के पेड़ काटने के आत्मघाती निर्णय पर पर्यावरण प्रेमियों ने आपत्ति उठाई है और निर्माण एजेंसी को सुझाव दिया है कि पेड़ों को बचाते हुए निर्माण कार्य किया जाए और यदि यह संभव नहीं है तो पुराने एयरपोर्ट की जमीन पर न्यायालय का भवन बनाया जा सकता है।
बुधवार सायं कर्णेश्वर पर्यावरण संरक्षण समिति के स्मृति वन में आयोजित बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि निर्माण कार्य में पेड़ों को बचाया जाए या तो निर्माण की रि डिजाइन हो अन्यथा भवन को हवाई अड्डे की जमीन जहां मिनी सचिवालय भी प्रस्तावित है, वहां भवन बने तो पर्यावरण एवं विकास में संतुलन कायम रह सकेगा। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र गंभीर, चम्बल संसद के अध्यक्ष के बी नंदवाना, उपाध्यक्ष अनिता चौहान गायत्री परिवार बोरखेड़ा के संचालक यज्ञदत्त हाडा, गायत्री परिवार के जीडी पटेल,चम्बल संसद के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय, पूर्व पार्षद युधिष्ठिर चानसी,इंटेक के सक्रिय सदस्य अनिल शर्मा, राजकुमार शर्मा के अलावा सुखविंदर कपूर, सचिव दीप्ति अरोड़ा,डा विनीत महोबिया,वीनस विज आदि ने कहा कि सरकार को विकास के नाम पर पर्यावरण को खत्म नहीं करना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम, राजस्थान सरकार के हरियालो राजस्थान की भावना का सम्मान करना चाहिए। समिति के महासचिव बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि इस बारे में शीघ्र ही जिला कलेक्टर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को सुझाव पत्र दिया जाएगा और वृक्षों को रक्षा सूत्र बाध कर पूजा की जाएगी। आवश्यकता हुई तो आंदोलन भी किया जाएगा।






