मेधावी छात्रा वैशाली का सम्मान, विद्यार्थियों ने हिन्दी भाषा के महत्व पर रखे विचार
कोटा। महावीर नगर स्थित दिव्य हिन्दी संस्थान द्वारा 14 सितम्बर हिन्दी दिवस के अवसर पर पांच दिवसीय हिन्दी प्रचार सप्ताह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
संस्थान के अध्यक्ष धनेश विजयवर्गीय ‘दिव्य’ ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा में हिन्दी विषय में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली छात्रा वैशाली को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में हाड़ौती संभाग कोचिंग समिति के संरक्षक बुद्धि प्रकाश शर्मा ने अपने उद्बोधन में वर्तमान समय में हिन्दी भाषा के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिन्दी के व्यापक प्रचार-प्रसार और दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिन्दी भाषा, व्याकरण, शब्दावली एवं लेखन शैली को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने हिन्दी को अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताते हुए इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार में युवा पीढ़ी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
दिव्य हिन्दी संस्थान द्वारा विद्यार्थियों में राष्ट्रीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं का संचार करने के उद्देश्य से विभिन्न पर्वों, जयंतियों और महत्वपूर्ण दिवसों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध लेखन, स्लोगन लेखन एवं सुलेख लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दैनिक जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विशिष्ट व्यक्तियों को उनके कार्यस्थल पर स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित करने की परंपरा भी संस्थान द्वारा जारी है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, लेखन एवं शिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ना होगा। शैक्षणिक विकास के साथ हिन्दी के प्रति सम्मान और प्रयोग को बढ़ावा देकर देश के विकास में योगदान दिया जा सकता है।
संस्थान के संरक्षक राजेश कृष्ण बिरला ने अपने संदेश में कहा कि हिन्दी हमारे जीवन की अमूल्य निधि है। हिन्दी हमारे अभिमान, स्वाभिमान, संस्कृति और संस्कारों की जननी है। हिन्दी के माध्यम से राष्ट्र का सर्वांगीण विकास और विचारों का प्रभावी आदान-प्रदान संभव है।






