राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा 2027 में बड़ा बदलाव, अब साल में दो बार मिलेगा परीक्षा का मौका
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं और प्रवेशिका परीक्षा को लेकर नई परीक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड के 5 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों को एक ही सत्र में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित होगी, जबकि दूसरी परीक्षा मई में सुधारात्मक परीक्षा के रूप में कराई जाएगी।
पहली मुख्य परीक्षा देना होगा अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत सभी विद्यार्थियों के लिए फरवरी-मार्च में होने वाली मुख्य परीक्षा में शामिल होना जरूरी होगा। इसके बाद ही निर्धारित पात्रता के अनुसार मई में आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
मुख्य परीक्षा में सफल रहने वाले विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। ऐसे विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधार परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
दो विषयों में असफल या अनुपस्थित विद्यार्थियों के लिए भी प्रावधान
बोर्ड ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए भी नियम तय किए हैं, जिन्हें मुख्य परीक्षा में अधिकतम दो विषयों में न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त नहीं हो सके या वे निर्धारित विषय की परीक्षा में अनुपस्थित रहे। पात्रता के अनुसार ऐसे विद्यार्थियों को मई में होने वाली परीक्षा के माध्यम से परिणाम सुधारने का अवसर दिया जाएगा।
मई की परीक्षा के बाद परिणाम में क्या होगा बदलाव?
दूसरी परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए बोर्ड द्वारा प्राप्त अंकों को परिणाम में निर्धारित नियमों के अनुसार शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को एक और अवसर देकर उनके शैक्षणिक परिणाम में सुधार की सुविधा देना है, ताकि किसी एक परीक्षा के प्रदर्शन के कारण उनका पूरा वर्ष प्रभावित न हो।
कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश का भी प्रावधान
नई परीक्षा व्यवस्था के तहत बोर्ड ने कक्षा 11 में आगे की पढ़ाई को लेकर भी प्रावधान स्पष्ट किए हैं। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश दिया जा सकेगा। इसके अलावा प्रायोगिक परीक्षाओं और अंकतालिका में परिणाम दर्ज करने की प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाएं भी बोर्ड के आदेश में स्पष्ट की गई हैं।
विद्यार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
राजस्थान बोर्ड की यह नई व्यवस्था विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम सुधारने का अतिरिक्त अवसर देगी। अब मुख्य परीक्षा के बाद मई में होने वाली परीक्षा के जरिए पात्र विद्यार्थी अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को अगले शैक्षणिक सत्र में आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।
बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को विषयों की संख्या और पात्रता संबंधी नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बोर्ड के आधिकारिक आदेश और आगामी परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को ध्यान से देखना महत्वपूर्ण रहेगा।





