सोने की तस्करी का पर्दाफाश: पैकेट बंद दूध, ओट्स और ट्रॉली के पहियों में छिपाकर लाया जा रहा था करोड़ों का सोना
नई दिल्ली / मुंबई: देश भर के हवाई अड्डों पर सोने की अवैध तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और कस्टम्स विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का सोना जब्त किया है। तस्करों द्वारा जांच एजेंसियों से बचने के लिए अपनाए गए नए और अजीबोगरीब तरीकों का भी पर्दाफाश हुआ है।
नई दिल्ली: लगेज ट्रॉली में छिपाकर लाया गया 1.3 किलो सोना
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने दिल्ली में लगेज ट्रॉलियों के जरिए की जा रही सोने की तस्करी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है।
कार्रवाई: अधिकारियों ने मौके से 1.3 किलोग्राम सोने के बिस्कुट जब्त किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.8 करोड़ रुपये आंकी गई है।
तस्करी का तरीका: दो आरोपी मलेशिया के कुआलालंपुर से यह सोना लेकर आए थे। उन्होंने सोने के बिस्कुटों को हवाई अड्डे की लगेज ट्रॉलियों के निचले हिस्से/पहियों के पास चिपका दिया था।
यात्रियों का इस्तेमाल: तस्करों ने उन आम और अनभिज्ञ यात्रियों का पीछा किया जो उन ट्रॉलियों का उपयोग कर रहे थे। यात्री बिना जाने सीमा शुल्क (Customs) पार कर गए और बाद में तस्करों ने मौका देखकर ट्रॉलियों से सोना निकाल लिया।
स्थिति: गुप्त सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोना जब्त कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
. मुंबई एयरपोर्ट: दूध और ओट्स के पैकेट में मिला 9.40 किलो सोना
इससे पहले मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डीआरआई और एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में सोना बरामद किया।
बरामदगी: कुल 9.40 किलोग्राम शुद्ध सोना जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 14.81 करोड़ रुपये है।
तस्करी का तरीका: दुबई से आए तीन भारतीय यात्रियों ने सोने को बारीक पाउडर के रूप में बदल दिया था। इस पाउडर को दूध के पाउडर, ओट्स, आटे, न्यूटेला और नारियल दूध के पैकेट में मिला दिया गया था ताकि इसका रंग और बनावट बिल्कुल खाने-पीने की चीजों जैसी दिखे।
कार्रवाई: अधिकारियों ने करीब 33.50 किलोग्राम संदिग्ध फूड प्रोडक्ट्स जब्त किए। गहन जांच और प्रयोगशाला प्रक्रिया के बाद उसमें से 9.40 किलो शुद्ध सोना अलग किया गया।
गिरफ्तारी: तीनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम (Customs Act), 1962 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक ही संगठित तस्कर गिरोह के लिए काम कर रहे थे।









