दो दिन से सड़क किनारे खड़ा था खराब ट्रक, समय पर नहीं हटाने पर उठे सवाल
कोटा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के बालापुरा और गोपालपुरा के बीच चार वाहनों की भीषण टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 4 से 4:45 बजे के बीच हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक ट्रक सड़क किनारे लगे क्रश बैरियर में जा घुसा, जबकि बोलेरो में फंसे युवक को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
खराब ट्रक को ठीक करने पहुंची थी मैकेनिक टीम
कैथून थानाधिकारी मनोज सिंह सिकरवार के अनुसार, दिल्ली से मुंबई की ओर जा रहा एक ट्रक तकनीकी खराबी के कारण एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़ा था। ट्रक को ठीक करने के लिए मैकेनिक टीम बोलेरो से मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए दो अन्य ट्रक खड़े ट्रक और बोलेरो से टकरा गए। टक्कर के बाद चारों वाहन आपस में फंस गए, जिन्हें क्रेन की मदद से अलग किया गया।
हादसे में बोलेरो सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। मृतकों में से एक की पहचान जयपुर जिले के कोटपूतली क्षेत्र के तालवा गांव निवासी सचिन पुत्र शिवदयाल गुर्जर के रूप में हुई है। दूसरे मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं।
चार घायलों का अस्पताल में उपचार
हादसे में नूंह (हरियाणा) निवासी 53 वर्षीय जाकिर हुसैन, भरतपुर जिले के जुरहरा निवासी 23 वर्षीय आमीन और रोहित सहित चार लोग घायल हुए हैं। एक अन्य घायल की पहचान नहीं हो सकी है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
दो दिन से खड़े ट्रक को नहीं हटाने पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, खराब ट्रक करीब दो दिन से सड़क किनारे खड़ा था। आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल ऑपरेटर और हाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी ने समय रहते ट्रक को सुरक्षित स्थान पर नहीं हटाया।
थानाधिकारी मनोज सिंह सिकरवार ने बताया कि हाईवे पर कई बार खराब वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं। उनका कहना है कि यदि इस ट्रक को समय रहते हटाकर रेस्ट एरिया में खड़ा कर दिया जाता, तो हादसे को टाला जा सकता था।
उन्होंने यह भी बताया कि दुर्घटना के बाद क्रेन पहुंचने में करीब आधे घंटे का समय लगा। उनके अनुसार, टोल संचालन करने वाली कंपनी को समय पर क्रेन उपलब्ध करानी चाहिए थी, लेकिन पूछने पर डीजल की कमी का हवाला दिया गया।
क्रश बैरियर में घुसा ट्रक का केबिन
टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रक का केबिन सड़क किनारे लगे क्रश बैरियर में घुस गया और उसका आधा हिस्सा उसमें फंस गया। वहीं, बोलेरो में भी एक युवक फंस गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। टक्कर के कारण चारों वाहन एक-दूसरे में फंस गए थे। राहत टीम ने क्रेन की मदद से वाहनों को अलग किया।
दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात बहाल
हादसे की सूचना सुबह करीब 5 बजे मिलने पर पुलिस, एंबुलेंस और NHAI की आपातकालीन राहत टीम मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाया गया। दुर्घटना के कारण दिल्ली से मुंबई की ओर जाने वाला लेन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे वाहनों की कतार लग गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य कराया जा सका।









