Saturday, August 29, 2026
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कथाकार राजेंद्र राव ने राम शर्मा ‘कापरेन’ के माध्यम से दिया कलमकारों को जीवंत संदेश

कोटा /मदर टेरेसा स्कूल रंगबाड़ी के मंगल कलश सभागार में सृजन प्रक्रिया व संवाद आयोजित हुआ, जिसमें कथा पुरोधा राजेंद्र राव ने बताया कि यह समय साहित्य जगत में निराशाजनक नहीं है। इस समय आईआईटी, आईआईएम जैसी शिक्षा प्राप्त लेखक व लेखिकाएं बहुत अलग से लिख रहे हैं। जो समाज साहित्यकारों का सम्मान नहीं करता वह समाज समाज कहलाने लायक नहीं है। पत्रकारिता व साहित्य संस्कृति में ज्यादा अंतर नहीं है, दोनों समाज के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रहे हैं।

कथाकार, समीक्षक विजय जोशी द्वारा किए संवाद में व्यक्त किए।वरिष्ठ साहित्यकार जितेन्द्र निर्मोही ने उनका परिचय देते हुए कहा कि यदि आप कमलेश्वर, राजेंद्र यादव, मन्नु भंडारी, मोहन राकेश का नाम लेंगे तो जेहन में राजेंद्र राव जरूर आएंगे। मैं वर्ष 1974 में झालावाड़ लाइब्रेरी में साप्ताहिक हिन्दुस्तान की प्रति देखने के लिए ही जाता था। जिसमें कहानी संग्रह “कोयला भई न राख” की श्रृंखला बद्ध कड़िया आती थी। संवाद के बाद कथाकार राजेंद्र राव ने वरिष्ठ साहित्यकार जितेन्द्र निर्मोही की कृतियों राजस्थानी उपन्यास एक विवेचना तथा राजस्थानी कहानियां एक विवेचना का विमोचन किया। इन दोनों कृतियों पर विजय जोशी ने समीक्षा की। संवाद से पूर्व कथाकार राजेंद्र राव का सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय में पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. दीपक श्रीवास्तव, डॉ. शशि जैन ने स्वागत किया। इस अवसर पर राम शर्मा कापरेन द्वारा कथा पुरोधा  राजेंद्र राव जी का इंटरव्यू ✍️👌👌👌👌

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