कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल का गुरुवार दोपहर का है। एक मामला सामने आया जहां ठेके पर लगी 2 महिला सिक्योरिटी गार्ड ने पुरुष गार्ड और 2 ठेकेदारों पर अस्मत मांगने के आरोप लगाएंहैं। दोनों अस्पताल अधीक्षक को जिला कलेक्टर के नाम शिकायत देने पहुंची तो गार्ड और ठेकेदार भी पीछे पीछे पहुंच गए। 1 घंटे चले हंगामे के बाद अधीक्षक ने जांच कमेटी बैठाई है और फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।अधीक्षक बोले- कमेटी बनाई है, कार्रवाई करेंगे हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया हॉस्पिटल में मैन पावर सप्लाई और सिक्योरिटी का काम ठेके पर है। शिकायत मिलने, काम नहीं करने, काम के वक्त इधर घूमने की शिकायत पर ठेकेदार ऐसे है। ठेका श्रमिकों को हटा देते हैं। इसी के चलते सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रही 3 महिलाओं को हटाया गया था। इसमें से एक ठेका श्रमिक ने आकर अपनी समस्या बताई थी। उसे दोबारा काम पर रखन लिया गया था। बाकी दो महिला ठेका श्रमिक शिकायत लेकर नहीं आई। आज दोनों महिलाएं शिकायत लेकर पहुंची। उन्होंने गार्ड महेंद्र, ठेकेदार – कासिफ और दीपक तिवारी पर अस्मत मांगने के आरोप लगाएं हैं। – अस्मत मांगने जैसी कोई बात नहीं पत्र में लिखा- ठेकेदारों को खुश करना होगा दोनों पूर्व महिला गार्डों का आरोप था कि कुछ 22 जनवरी को हॉस्पिटल में बने ठेकेदार के ऑफिस में गई तो वहां गार्ड महेंद्र मिला। गार्ड से ठेकेदारों के बारे में पूछा। गार्ड ने कहा कि कल से तुम दोनों ड्यूटी पर मत आना। मालिक (ठेकेदारों) ने मना कर दिया है। जब गार्ड से पूछा क्यों नहीं आना? तो गार्ड ने कहा तुम दोनों को हमारे मालिक ठेकेदारों को खुश करना होगा। अगर नहीं करोगी तो कल से मत
कोटा के सरकारी अस्पताल में ठेके पर लगी 2 महिला सिक्योरिटी गार्ड ने पुरुष गार्ड और 2 ठेकेदारों पर अस्मत मांगने के आरोप लगाएं






