समय बड़ा बलवान भैया,
कर इसकी पहचान भैया ।
तेरी जग-नदियाँ में भगवन्,
तू ही लगा दे पार नैया ।।
समय बड़ा बलवान भैया……
चाहे भला हो चाहे बुरा हो,
कर दें तुझको अर्पण ।
बंदे हम सब हैं तेरे,
यह जग है तेरा दर्पण ।।
तू ही खिवैया इस सागर का
तू ही पार लगैया,
समय बड़ा बलवान भैया ……
तेरे फूल हैं कांटे तेरे,
हम सब कुछ सह लेगें ।
जैसे रखेगा प्यारे हमको,
वैसे ही रह लेगें ।।
तू ही पालनहार जगत का
तू ही कृष्ण कन्हैया,
समय बड़ा बलवान भैया …….
तेरे बनाये नियम-साधना,
हम सबकी है परीक्षा ।
सदा खरे उतरे जीवन में,
देना ऐसी दीक्षा ।।
आए कैसी विकट घड़ी
रख लाज हमारी सैया,
समय बड़ा बलवान भैया ……
हमको इतना देना साँईं,
हो चरणों में भक्ति ।
केवल एक “पुखराज” चाहता,
हो श्रद्धा में शक्ति ।।
करूँ दण्डवत हरदम तुमको
पड़ता तेरे पैंया,
समय बड़ा बलवान भैया ……
समय बड़ा बलवान भैया,
कर इसकी पहचान भैया ।
तेरी जग-नदियाँ में बंदे
तू ही लगा दे पार नैया ।।
समय बड़ा बलवान भैया ……
# स्वरचित/मौलिक/सर्वाधिकार सुरक्षित
# बृजेन्द्र सिंह झाला “पुखराज”,
कोटा (राजस्थान)






