Tuesday, April 21, 2026
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काव्य- योग भगाए रोग- बृजेंद्र सिंह झाला ‘पुखराज’

# योग भगाए रोग

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योग,

भगाए रोग ।

जुड़े सब लोग,

बने संजोग ।।

भोग रहे,

भोग ।

लगा रहे,

ढोक ।।

जिससे,

हरिक

स्वस्थ-निरोग

यत्र योगेश्वर कृष्ण ने

मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने

योगी-ॠषि-मुनियों ने

योग-गुरु रामदेव ने

विस्तार दिया है जिसको ।

हर प्राणी इस भरत-भूमि का,

पूज रहा है उसको ।।

कपालभाति-अनुलोम-विलोम ।

भस्त्रिका से काया मोम ।।

भ्रामरी-आसन-प्राणायाम ।

ऐसे कितने ही व्यायाम ।।

उज्जाही-सूर्य-नमस्कार ।

ऊर्ज़ा का नहीं पारावार ।।

खिल जाए सारा तन-मन ।

व्याधी का हो जाए शमन ।।

इससे नहीं और कोई भोग ।

योग भगाए सबका रोग ।।

# स्वरचित/मौलिक/सर्वाधिकार सुरक्षित

# बृजेन्द्र सिंह झाला”पुखराज”

कोटा (राजस्थान)

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