बारां…….फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका (अध्यक्ष) सपना गोयल ने बताया अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर पुण्य लाभ कमाने हेतु प्रभु भक्ति नॉनस्टॉप कीर्तन व गन्ने के रस का वितरण क्लब द्वारा किया गया
कार्यक्रम में सपना गोयल बारां,रुचि जैन बारां,,योगिता चौधरी बारां, अंजना अरोड़ा बारां,,डॉ. लतेश परमार (गोधरा – गुजरात),दीपक कुमार जायसवाल देवरिया उतर प्रदेश, श्रीमती ऊषा जैन ग्वालियर,राजेश तिवारी ग्वालियर ,डॉली खंडेलवाल ग्वालियर से आदि सभी का सहयोग रहा
फ्रेंड्स महिला क्लब बारां की संस्थापिका (अध्यक्ष) *सपना गोयल* ने बताया साथ भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार और एक चिरंजीवी (अमर) योद्धा ऋषि हैं, जिनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) को महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। ‘परशु’ (फरसा) धारण करने के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा। वे न्याय, धर्म के रक्षक और भीष्म, द्रोण व कर्ण के गुरु थे अन्यायपूर्ण और अहंकारी क्षत्रिय राजाओं के अत्याचार से धरती को मुक्त कराने के लिए उनका अवतार हुआ।अमरत्व: अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं, जो आज भी धरती पर मौजूद माने जाते हैं,मध्यप्रदेश के इंदौर के पास जनापाव पर्वत पर हुआ था उन्होंने भगवान शंकर से अस्त्र-शस्त्र की विद्या प्राप्त की और उन्हें अपना दिव्य परशु (फरसा) प्राप्त हुआ रामायण में सीता स्वयंवर के दौरान शिव धनुष टूटने पर वे आए थे। उन्होंने 21 बार अत्याचारी क्षत्रियों का संहार किया परशुराम जयंती पर पूजा विधि में प्रतिमा को स्थापित कर तिलक, फूल और प्रसाद अर्पित किया जाता है।अक्षय तृतीया (परशुराम जयंती) का महत्व:यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, जो 19 अप्रैल 2026 को मनाई । इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है






