संवाददाता अखिल नामा
बारां ।भारतीय वायुसेना के जाबांज़ अधिकारी, विंग कमांडर अनिमेष पाटनी को देश की सुरक्षा में उनके अदम्य साहस और असाधारण वीरता के लिए प्रतिष्ठित ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने एक गरिमापूर्ण समारोह में उन्हें इस वीरता पदक से नवाजा।यह सम्मान उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई अद्भुत वीरता के लिए प्रदान किया गया है। इंटेक बारां चैप्टर की एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन विष्णु साबू और देवेंद्र अदलक्खा,रामदास शर्मा, जगदीश शर्मा, हरिओम अग्रवाल समेत सभी लोगों ने उनके बड़े भाई इंटैक सदस्य प्रशान्त पाटनी को राष्ट्रपति द्वारा वीर चक्र प्रदान करने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी है।
विंग कमांडर अनिमेष पाटनी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी कर्तव्यनिष्ठा और साहस का परिचय देते हुए भारतीय वायुसेना के गौरव को बढ़ाया है। इस ऑपरेशन के दौरान, उन्होंने आसमान में दुश्मन के विमानों को मार गिराया, जिसमें से एक को उन्होंने 314 किमी की दूरी पर ही मार गिराया था। उनकी यह कार्रवाई देश की सुरक्षा में एक निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में याद की जाएगी।
दूसरी ओर संभाग की सामाजिक,सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्था युवा मण्डल संस्थान के प्रांतीय सचिव जितेंद्र शर्मा पम्मी ने बताया कि
“बारां जिले के कुंजेड निवासी विंग कमांडर पाटनी की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी इस वीरता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय सेना के जवान देश की सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटते। ज्ञातव्य है कि वीर चक्र असाधारण साहस और अदम्य वीरता के लिए सर्वोच्च सैन्य सम्मान के रूप में प्रदान किया जाता है।विषम परिस्थितियों में विंग कमांडर ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया।
उन्होंने आसमान में दुश्मन के विमानों को मार गिराया।उनकी वीरता को राष्ट्र और हाड़ौती का अभिमान माना जा रहा है।”
देश के इस असली नायक की कहानी हर भारतीय को गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना से भर देती है। पूरा देश विंग कमांडर अनिमेष पाटनी के साहस और उनके अद्भुत योगदान को सलाम करता है।






