Saturday, July 18, 2026
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बारां के पब्लिक पार्क में 17–18 हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर फूटा जनाक्रोश

जिला कलेक्टर ने गठित की दो सदस्यीय जांच समिति, एडिशनल एसपी से भी की गई आपराधिक कार्रवाई की मांग

बारां/राजस्थान के बारां जिला मुख्यालय स्थित कोटा रोड के स्वामी विवेकानंद पार्क में दिनदहाड़े लगभग 17–18 बड़े एवं हरे-भरे वृक्षों की कटाई का मामला सामने आने के बाद आम नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। शहर के नागरिकों का कहना है कि यह पार्क बारां शहर में सैर-सपाटे, योग, व्यायाम, बच्चों के मनोरंजन तथा शुद्ध वातावरण का प्रमुख और लगभग एकमात्र सार्वजनिक स्थल है। ऐसे महत्वपूर्ण पार्क में बिना पर्याप्त कारण इतने बड़े वृक्षों की कटाई पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

इसी विषय को लेकर शुक्रवार को शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक एवं पर्यावरणीय संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल,जिला कलेक्टर बाल मुकुंद असावा को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक पार्कों में वर्षों पुराने विकसित वृक्षों की कटाई गंभीर चिंता का विषय है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि यदि वृक्षों की कटाई नियमों के विरुद्ध हुई है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वन एवं पर्यावरण संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जिला कलेक्टर बाल मुकुंद असावा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने तत्काल एक दो सदस्यीय जांच समिति गठित करने की जानकारी देते हुए कहा कि समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

जिला कलेक्टर से मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी से भी मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने इस घटना को केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि पर्यावरण के विरुद्ध गंभीर आपराधिक कृत्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

एडिशनल एसपी सौरभ तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि यदि जांच अथवा शिकायत के आधार पर किसी प्रकार का आपराधिक अपराध बनता है तो पुलिस नियमानुसार निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करेगी। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने इस विषय में उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

जिला कलेक्टर बाल मुकुंद असावा ने कहा कि

“स्वामी विवेकानंद पार्क में वृक्षों की कटाई के मामले को गंभीरता से लिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

एडिशनल एसपी सौरभ तिवारी ने कहा कि

“पर्यावरण संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि इस मामले में किसी प्रकार का दंडनीय अपराध बनता है अथवा जांच में आपराधिक तथ्य सामने आते हैं तो पुलिस कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।”

भारत तिब्बत सहयोग मंच के प्रांतीय प्रचार प्रमुख राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि

“विकसित हरे-भरे वृक्ष किसी भी शहर के फेफड़े होते हैं। इन्हें काटना केवल पेड़ों की कटाई नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य पर प्रहार है। यदि सार्वजनिक पार्कों में भी वृक्ष सुरक्षित नहीं रहेंगे तो पर्यावरण संरक्षण के सरकारी अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएंगे। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति या नियमों की अवहेलना कर वृक्षों की कटाई करने का साहस न कर सके।”

व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा ने कहा कि

“बारां शहर का स्वामी विवेकानंद पार्क हजारों नागरिकों की जीवनशैली का हिस्सा है। व्यापारिक वर्ग भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में पूरी मजबूती से समाज के साथ खड़ा है। यदि आवश्यकता पड़ी तो जनहित में व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा।”

वृक्ष मित्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष भानु पोरवाल ने कहा कि

“एक विकसित वृक्ष बनने में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन उसे काटने में कुछ ही मिनट लगते हैं। पर्यावरण की इस क्षति की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती। हम चाहते हैं कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”

ज्ञापन देने वालों में व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा, वृक्ष मित्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष भानु पोरवाल, कोषाध्यक्ष दिनेश बंसल, भारत तिब्बत सहयोग मंच के प्रांतीय प्रचार प्रमुख राजेंद्र कुमार शर्मा, गायत्री परिवार दिया फाउंडेशन के संयोजक डॉ. मुकेश मीणा, भारतीय सांस्कृतिक निधि वराह नगरी बारां अध्याय के कन्वीनर जितेन्द्र कुमार शर्मा, पर्यावरण प्रेमी पराग वारा सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों के अनेक प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में व्यापक जनजागरण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।

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