सिद्दीक बाबा के “नर सेवा ही नारायण सेवा” के संदेश को किया गया साकार
बारां। परम् पूज्यनीय समर्थ गुरु, अंतर्राष्ट्रीय समन्वयी संत एवं “मिशन ऑफ कम्युनल हार्मनी” के प्रणेता श्री सिद्दीक बाबा के 84वें जन्मदिवस एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में श्री सिद्दीक बाबा लोक कल्याण संस्थान, बाराँ तथा साम्प्रदायिक सद्भावना संस्थान, बाराँ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “सर्वधर्म सद्भावना समारोह” का शुभारंभ शनिवार को सेवा, करुणा और मानवता के संदेश के साथ हुआ।
समारोह के प्रथम दिवस बाराँ के निकट मंडोला ग्राम स्थित गाड़िया लुहार बस्ती में निवास करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों एवं उनके बच्चों के बीच वस्त्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों को नए वस्त्र प्रदान किए गए। वस्त्र प्राप्त कर बच्चों और उनके परिजनों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मीयता स्पष्ट दिखाई दी।
संस्थान के प्रांतीय सचिव जितेंद्र शर्मा ‘पम्मी’ ने बताया कि परम् पूज्यनीय गुरुदेव श्री सिद्दीक बाबा सदैव यह संदेश देते रहे हैं कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है”। उनके अनुसार समाज के वंचित, गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है। इसी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए संस्थान वर्षों से समाज के कमजोर वर्गों के बीच सेवा कार्य संचालित करता आ रहा है और जन्मोत्सव जैसे पावन अवसरों को भी जनसेवा से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि सिद्दीक बाबा का संपूर्ण जीवन मानवता, सर्वधर्म समभाव, प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता को समर्पित रहा है। उन्होंने हमेशा जाति, धर्म, भाषा और संप्रदाय से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति को मानवता के सूत्र में जोड़ने का संदेश दिया। यही कारण है कि उनके जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों में सेवा, सद्भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व को विशेष महत्व दिया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कार्यकर्ताओं ने गाड़िया लुहार परिवारों से आत्मीय संवाद भी किया तथा उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने संस्थान द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
संस्थान पदाधिकारियों ने बताया कि दो दिवसीय सर्वधर्म सद्भावना समारोह के अंतर्गत विभिन्न आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सद्भावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारा, सेवा और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना है।





