Monday, November 2, 2026
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400 साल पुरानी तोप चोरी का सनसनीखेज खुलासा: पूछताछ में सामने आई पंचना बांध उड़ाने की साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार

जयपुर/शिवपुरी/करौली। मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नरवर किले से करीब 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक तोप चोरी होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मध्यप्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान के करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई महिंद्रा पिकअप भी जब्त कर ली है। हालांकि, चोरी गई लगभग 3.5 टन वजनी ऐतिहासिक तोप अभी तक बरामद नहीं हो सकी है।

15 जुलाई को चोरी, 16 जुलाई को दर्ज हुई रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले के कचहरी महल में पुरातत्व विभाग की देखरेख में कुल 14 ऐतिहासिक तोपें सुरक्षित रखी गई थीं। 15 जुलाई को इनमें से एक तोप गायब मिली। इसके बाद पुरातत्व विभाग के चौकीदार रमेश कोली ने 16 जुलाई को नरवर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की।

करौली से दो आरोपी गिरफ्तार

संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने राजस्थान के करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वह पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया, जिसका उपयोग कथित रूप से शिवपुरी से तोप चोरी कर ले जाने में किया गया था।

पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की जांच तेज कर दी है।

पूछताछ में सामने आई साजिश

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गुर्जर समाज और पंचना बांध को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में कुछ लोगों ने पंचना बांध को तोप से उड़ाने की साजिश रची थी। आरोपियों के अनुसार, इसी कथित योजना के तहत ऐतिहासिक तोप चोरी की गई थी।

हालांकि, यह पूछताछ में सामने आया दावा है। पुलिस अभी इस कथित साजिश की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और इसकी पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

ऐतिहासिक धरोहर की तलाश जारी

करीब 400 वर्ष पुरानी और लगभग 3.5 टन वजनी यह तोप ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस का कहना है कि तोप की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। यदि पूछताछ में सामने आए तथ्यों की पुष्टि होती है, तो मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस की जांच अभी जारी है। पंचना बांध को उड़ाने की कथित साजिश संबंधी जानकारी आरोपियों की पूछताछ पर आधारित है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

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