कोटा। संभागीय आयुक्त एवं कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित सातवीं बैठक में कई महत्वपूर्ण जनहितकारी निर्णय लिए गए। बैठक का सबसे बड़ा फैसला प्राधिकरण क्षेत्र में विक्रय स्वीकृति (Sale Permission) व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त करना रहा, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और संपत्ति संबंधी प्रक्रियाएं अधिक सरल होंगी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भी मंजूरी दी गई। बजट में आधारभूत संरचना एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
साथ ही श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर, कैथूनीपोल चौराहा सौंदर्यीकरण एवं सड़क चौड़ीकरण, रामपुरा–आर्य समाज रोड चौड़ीकरण तथा कुन्हाड़ी क्षेत्र में सीवरेज लाइन, सर्विस रोड और रिटेनिंग वॉल निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के पारस्परिक सहमति से अधिग्रहण एवं मुआवजा निर्धारण संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने लंबित सेल परमिशन एवं लीज डीड प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण, मूलभूत सुविधाओं से वंचित योजनाओं में नियमानुसार शुल्क नहीं लेने, जयपुर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर ई-पट्टा प्रणाली शीघ्र लागू करने तथा राजस्थान संपर्क, पीएमओ, सीएमओ एवं शहरी सेवा शिविरों से प्राप्त प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही निविदा कार्मिकों के मानदेय निर्धारण का प्रस्ताव शीघ्र यूडीएच विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने बैठक में लिए गए सभी निर्णयों की समयबद्ध पालना, विभागीय समन्वय तथा जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में सचिव मुकेश कुमार चौधरी, एडीएम (सीलिंग) रवि वर्मा, उपायुक्त अनिल सिंघल एवं हर्षित वर्मा, विशेषाधिकारी शिक्षा पवन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कोटा ग्रामीण) राम कल्याण, नगर निगम के अतिरिक्त मुख्य अभियंता महेश गोयल सहित केडीए, कोटा डेयरी, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, रीको, जेवीवीएनएल एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






