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कोटा के मयंक मणि कौशिक ने दुनिया की सबसे ऊँची लद्दाख मैराथन (42 किमी) पूरी कर रचा इतिहास

कोटा के मयंक मणि कौशिक ने दुनिया की सबसे ऊँची लद्दाख मैराथन (42 किमी) पूरी कर रचा इतिहास

भारत सिंह चौहान✍️

कोटा, 13 सितंबर। कोटा के प्रतिभाशाली धावक मयंक मणि कौशिक ने लेह-लद्दाख में आयोजित विश्व की सबसे ऊँची मैराथन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा कर शहर का नाम रोशन किया है। मयंक ने समुद्र तल से लगभग 11,500 फीट की ऊँचाई पर आयोजित 42 किलोमीटर की फुल मैराथन को निर्धारित समय में पूरा किया।

लेह में आयोजित यह मैराथन दुनिया की सबसे कठिन मैराथनों में से एक मानी जाती है। यहाँ ऑक्सीजन की कमी, कम तापमान और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच दौड़ना किसी भी धावक के लिए कड़ी परीक्षा होता है। इस चुनौती का सामना करने के लिए मयंक मणि एक सप्ताह पूर्व ही लेह पहुँच गए थे, ताकि वहाँ की कम ऑक्सीजन वाली परिस्थितियों में अपने शरीर को ढाल सकें।

मयंक मणि कौशिक मूल रूप से कोटा के निवासी हैं और वर्तमान में मुंबई में एक निजी कंपनी वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर (Vertis Infra Structure) में डिप्टी मैनेजर – कॉन्ट्रैक्ट्स के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने दौड़ के प्रति अपने जुनून को बनाए रखा है।वे मुंबई में ओये रनर क्लब का भी संचालन करते हैं और सर्टिफाइड मैराथन प्रशिक्षक भी हैं ।

यह मयंक की पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पूर्व वे देश की सबसे प्रतिष्ठित टाटा मुंबई मैराथन में तीन बार फुल मैराथन पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने देश के विभिन्न शहरों – बेंगलुरु, दिल्ली, गोवा कोलकता सहित कई अन्य स्थानों पर आयोजित फुल मैराथन और हाफ मैराथन में भी सफलतापूर्वक भाग लिया है। मैराथन के क्षेत्र में उनका अनुभव काफी लंबा है।

इस उपलब्धि पर मयंक ने बताया कि लद्दाख मैराथन शारीरिक क्षमता से ज्यादा मानसिक दृढ़ता की परीक्षा है। 3500 मीटर की ऊँचाई पर हर कदम पर सांस फूलती है, लेकिन देशभक्ति और कोटा के लोगों के प्यार ने मुझे दौड़ पूरी करने का हौसला दिया।उनकी इस सफलता पर कोटा के खेल प्रेमियों और परिजनों में हर्ष का माहौल है।

 

 

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