इंदौर और भोपाल मेट्रो की शुरुआत लगभग एक ही दौर में हुई थी, लेकिन व्यावसायिक संचालन के मामले में इंदौर ने स्पष्ट बढ़त बना ली है। जहां भोपाल में अब जाकर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो पाया है, वहीं इंदौर मेट्रो अगले चरण में प्रवेश करने को तैयार है। इंदौर ने भोपाल से करीब 7 महीने पहले मेट्रो संचालन शुरू कर दिया था और अब वहां 11 किलोमीटर लंबे नए रूट पर मेट्रो चलाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
इंदौर मेट्रो का उद्घाटन 31 मई 2025 को हुआ था। फेज-1 के तहत पहले प्राथमिक सेक्शन गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर तक 6.3 किमी लंबे रूट पर मेट्रो का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है। अब फेज-1 के दूसरे और अहम हिस्से रीच-2 को शुरू करने की दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाया गया है।
करीब 11 किमी लंबा यह नया सेक्शन सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर चौराहा तक फैला हुआ है। इस रूट पर कुल 11 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं। परियोजना से जुड़े सिविल कार्य और सिस्टम इंस्टॉलेशन के सभी प्रमुख काम पूरे हो चुके हैं। फिलहाल आरडीएसओ (रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) सहित अन्य सुरक्षा मंजूरियों का इंतजार है। निरीक्षण के लिए आरडीएसओ को पत्र भेजा जा चुका है और जल्द ही जांच प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि सभी आवश्यक स्वीकृतियां समय पर मिल जाती हैं, तो वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में रीच-2 को व्यावसायिक रूप से शुरू किया जा सकता है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस नए रूट के जुड़ने से इंदौर मेट्रो की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
वहीं दूसरी ओर, भोपाल मेट्रो को अभी भी फेज-1 में कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस तुलना में इंदौर मेट्रो की प्रगति न सिर्फ तेज नजर आ रही है, बल्कि यह शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभा रही है।






