इंदौर।विजयादशमी पर रावण दहन के स्थान पर सोनम रघुवंशी या किसी अन्य महिला का पुतला जलाने की योजना पर विवाद गहराता जा रहा है। इस पूरे मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने बड़ी राहत देते हुए ऐसा पुतला दहन करने पर रोक लगा दी है। सोनम रघुवंशी की मां द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश प्रणव वर्मा ने कहा कि किसी व्यक्ति या परिवार को अपमानित करने वाली यह गतिविधि न केवल असंवैधानिक है बल्कि मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन भी है।
अदालत का सख्त रुख
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन में ऐसे कार्य की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे किसी व्यक्ति विशेष, परिवार या समाज की गरिमा को ठेस पहुंचे। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कृत्य कानून के सभी सिद्धांतों के विपरीत है और इससे याचिकाकर्ता तथा उनके पूरे परिवार की छवि धूमिल होती है।
समाज का विरोध और चेतावनी
इंदौर में दशहरा पर्व पर शूर्पणखा का पुतला दहन करने की योजना सामने आने के बाद रघुवंशी समाज ने जोरदार विरोध जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने थाना और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति विशेष का नाम जोड़कर उसे बुराई का प्रतीक बनाना समाज विरोधी है।
जिला अध्यक्ष पिंकी रघुवंशी ने कहा, “यह आयोजन न केवल अवैधानिक है बल्कि महिला समाज का भी अपमान है। जिन महिलाओं को इसमें निशाना बनाया जा रहा है, उनके मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, ऐसे में दोष सिद्ध किए बिना इस प्रकार का कदम निंदनीय है।”
महिला विरोध का आरोप
राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर रघुवंशी ने आरोप लगाया कि आयोजन समिति जानबूझकर केवल 11 महिलाओं को ही निशाना बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अपराध पुरुष और महिलाएं दोनों करते हैं तो केवल महिलाओं के नाम और चेहरे ही क्यों जोड़े जा रहे हैं। उनके अनुसार अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए इस आयोजन का प्रचार कर समाज की छवि धूमिल की जा रही है।
परिवार की प्रतिक्रिया
सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने भी इसे परिवार और समाज की प्रतिष्ठा पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से भावनाओं को आहत करने वाला है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
प्रशासन की भूमिका
जिला प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। रघुवंशी समाज के लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि विवादित आयोजन को रद्द किया जाएगा या उसमें संशोधन होगा।






