Wednesday, August 26, 2026
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कोटा—बूंदी दुग्ध सहकारी संघ में विश्व दुग्ध दिवस मनाया

-भारत सिंह चौहान

कोटा। कोटा बूंदी दुग्ध सहकारी संघ लि.के भवन में विश्व दुग्ध दिवस आयोजित किया गया। अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में दुग्ध के महत्व पर चर्चा की गई और दुग्ध उत्पादक किसानों की हितकारी योजनाओं पर विचार—विर्मश और श्री करणी विकास समिति,छावनी पहुंच कर बच्चो को छाछ व लस्सी भेंट की। बैठक को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कहा कि आहार में दूध और डेयरी उत्पादों के महत्व को बढ़ावा दिया जा सके इस उद्देश्य 01 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। राठौड़ ने कहा कि इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुग्ध के स्वास्थ्य लाभों, दुग्ध उत्पादन में सुधार और दुग्ध उद्योग के विकास के लिए प्रयास करना है। दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा करने और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायता करने का अवसर प्रदान मुख्य उद्देश्य है। एमडी दिलखुश मीणा ने इस अवसर पर विश्व दुग्ध दिवस के इतिहास को साझा करते हुए कहा कि इस दिन की शुरुआत 2001 में हुई थी जब विश्व दुग्ध फेडरेशन ने इस दिन को मनाने का फैसला किया। तब से, यह दिन दूनिया भर में दुग्ध उत्पादकों, नीति निर्माताओं, उपभोक्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन बन गया है।

इस अवसर पर कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने श्री करणी विकास समिति छात्रावास पहुंचकर बच्चों को छाछ एवं लस्सी वितरित की तथा उन्हें विश्व दुग्ध दिवस की शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने उत्साह और मुस्कान के साथ यह स्नेह स्वीकार करते हुए आभार प्रकट किया।

अध्यक्ष राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि दूध और दुग्ध उत्पाद केवल पोषण का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं। भीषण गर्मी के मौसम में छाछ और लस्सी जैसे पौष्टिक पेय शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ स्वास्थ्य संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरस डेयरी सदैव गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाती रही है।

अर्थव्यवस्था आधार

राठौड ने कहा कि दुग्ध क्षेत्र हमारे देश की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दुग्ध उत्पादन और उसके उपभोग से हमारे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलती है। इससे हमारे देश के किसानों की आय में वृद्धि होती है और उन्हें आर्थिक स्वावलम्बन मिलता है। दुग्ध क्षेत्र की महत्ता को पहचानना चाहिए और इसके विकास के लिए प्रयास करना चाहिए। हमें दुग्ध उत्पादकों का सम्मान करना चाहिए और उनके योगदान की सराहना करनी चाहिए। इस हेतु राठौड ने दुग्ध समितियों और गाँव के किसानों से उन्नत नसल के गाय और भैस को पालने की सलाह दी जिससे हमे उन्नत गुणवाता वाला दुग्ध प्राप्त हो सके।इस अवसर एम डी दिलखुश मीणा,पीएण्डआई इंचार्ज फरीदा खान,सत्यनारायण शर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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