भारत सिंह चौहान
कोटा। राजस्थान के पांचों कृषि विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान तथा उनके हितों की रक्षा के उद्देश्य से “राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ” का गठन किया गया है। महासंघ में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर, कृषि विश्वविद्यालय कोटा, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर एवं कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के पेंशनर्स संगठनों को शामिल किया गया है।
महासंघ के गठन के साथ ही सर्वसम्मति से इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी उदयपुर को प्रदेशाध्यक्ष तथा इंजीनियर अरविंद कौशल कोटा को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है।
महासंघ में कोटा से तीन पदाधिकारीयों का चयन हुआ है जिसमें महामंत्री अरविन्द कौशल, उपाध्यक्ष ड़ा अरुणकुमार शर्मा एवं मंत्री महावीर शर्मा को नियुक्त किया गया है।
घोषित प्रदेश कार्यकारिणी में डॉ. अरूण कुमार शर्मा, मनफूल मांगलिया, मुलचंद जाट, डॉ. आर.एस. चावड़ा एवं डॉ. सुरेन्द्र कुमार भटनागर को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं महावीर शर्मा, नेमाराम, इंजीनियर मोहनलाल चांगवाल, डॉ. भारत सिंह भीमावत एवं डॉ. भूपेन्द्र उपाध्याय को प्रदेश मंत्री तथा इंजीनियर एस.बी. सहाय को प्रदेश संगठन मंत्री नियुक्त किया गया है।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि महासंघ का मुख्य उद्देश्य कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को समय पर नियमित पेंशन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना है।
प्रदेश महामंत्री इंजीनियर अरविंद कौशल ने बताया कि महासंघ राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) से संबंधित समस्याओं, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दवाओं की उपलब्धता एवं अन्य प्रशासनिक कठिनाइयों के समाधान के लिए राज्य सरकार से प्रभावी संवाद करेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अरूण कुमार शर्मा ने बताया कि महासंघ शीघ्र ही राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग करेगा।















