Saturday, April 18, 2026
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कुन्हाड़ी में संत रामपाल की कथा पर हंगामा, बजरंग दल के विरोध के बाद कार्यक्रम बंद, पुलिस ने संभाला मोर्चा

कोटा।शहर के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बालिता इलाके स्थित रघुनंदन मैरिज गार्डन में आयोजित संत रामपाल जी की कथा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर कड़ा विरोध जताया और कथा को तत्काल बंद करा दिया। विरोध के चलते कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

बजरंग दल का आरोप है कि संत रामपाल से जुड़ी कुछ पुस्तकों और कथनों में हिंदू धर्म, देवी-देवताओं और सनातन परंपराओं के प्रति आपत्तिजनक, अशोभनीय और अनर्गल टिप्पणियां की गई हैं। संगठन का कहना है कि इस तरह की विचारधारा हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और इसे किसी भी कीमत पर कोटा शहर में प्रचारित नहीं होने दिया जाएगा।

“हिंदू धर्म के खिलाफ कथाएं बर्दाश्त नहीं” – बजरंग दल

मौके पर मौजूद बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई संत, प्रवचनकर्ता या व्यक्ति हिंदू धर्म के विरुद्ध टिप्पणी करता है या समाज को गुमराह करने का प्रयास करता है, तो उसके कार्यक्रमों को कोटा में आयोजित नहीं होने दिया जाएगा। संगठन ने प्रशासन से भी मांग की कि इस तरह के आयोजनों से पहले संबंधित साहित्य और विचारधारा की जांच की जाए।

पुलिस ने संभाली स्थिति

विवाद की सूचना मिलते ही कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस की मौजूदगी में कथा आयोजन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

कार्यक्रम स्थगित, प्रशासन सतर्क

फिलहाल संत रामपाल की कथा को स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और आयोजकों तथा संबंधित पक्षों से संवाद किया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी पक्ष द्वारा कानून का उल्लंघन पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद शहर में धार्मिक आयोजनों को लेकर सतर्कता और अनुमति प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह के साम्प्रदायिक तनाव को रोकने पर है।

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