हम सर्दी से लड़ेंगे….
और जीतेंगे…………
ठंड तो वास्तव में वैसी ही है देख रही है मौका ।
जरा से चूके वरिष्ठ जन तो मार देगी चौका ।।
पता नहीं किसका नंबर हो बिन टोके उठा लेगी ।
पकड़ेगी उसका हाथ और अपनी ही राह चलेगी ।।
अतः सावधान ही रहें वरिष्ठ खूब ही धारें कपड़े ।
रोज ही लेवें च्यवनप्राश और बने रहें कुछ तगड़े ।।
तब तो सर्दी आपका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी ।
आ तो गई है यह निष्ठुर पर खाली हाथ जायेगी ।।
समय समय पर मिलें सभी हम जानें सबकी खैर ।
ऐसा ही गर करते रहेंगे मिटेगा आपस का वैर ।।
सभी रहेंगे स्वस्थ तो 2026 में सभी मिलेंगे ।
ये पुराने पुष्प आगे भी फिर नई ऊर्जा से खिलेंगे । ।
प्रभु से मेरी प्रार्थना यही ये जीएं वर्ष हजार ।
हम सब के अवलंबन से ये पाएं प्यार अपार ।।
रहें ये अविजित खम्भ साल_ सालों तक ।
रहे प्रकाश सूर्यदेव का पृथ्वी पर तब तक ।।
हे परिवारी खम्भ हमें देते रहो आशीर्वाद ।
आप जब तक हैं तब तक नहिं होगा अवशाद।।
के. सी. राजपूत, कोटा।





