कोटा /राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के थॉट एंड इनोवेशन सेंटर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, आत्मचिंतन एवं समग्र व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए नवनिर्मित राजयोग ध्यान कक्ष एवं परामर्श कक्ष का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निमित चौधरी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. निमित चौधरी ने दोनों कक्षों का उद्घाटन करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ मानसिक संतुलन, आत्म-जागरूकता, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच भी अत्यंत आवश्यक है। ध्यान कक्ष विद्यार्थियों को शांत वातावरण में स्वयं के साथ जुड़ने और अपने मन को समझने का अवसर प्रदान करेगा, जबकि परामर्श कक्ष विद्यार्थियों को व्यक्तिगत, भावनात्मक, शैक्षणिक एवं जीवन से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए एक सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराएगा।
थॉट एंड इनोवेशन सेंटर की मुख्य समन्वयक प्रो. लता गिडवानी ने ध्यान एवं परामर्श कक्ष की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों पर शैक्षणिक अपेक्षाओं के साथ-साथ अनेक व्यक्तिगत एवं सामाजिक चुनौतियों का भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में यह केंद्र विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन, एकाग्रता एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि ध्यान कक्ष विद्यार्थियों को नियमित ध्यान एवं आत्म-अनुभूति के माध्यम से अपने भीतर शांति और स्थिरता विकसित करने का अवसर देगा।
कार्यक्रम में बीके प्रदीप गुप्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति महोदय, मुख्य समन्वयक, सहयोगी सदस्यों एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों को समझने और उनका सकारात्मक समाधान खोजने में ध्यान, आत्मचिंतन एवं उचित परामर्श महत्वपूर्ण साधन हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से थॉट एंड इनोवेशन सेंटर की गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़ने और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई तथा थॉट एंड इनोवेशन सेंटर में अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि केंद्र का शांत वातावरण, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का अनुभव उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करता है। विद्यार्थियों के अनुसार, केंद्र में ध्यान एवं आत्मचिंतन के लिए समय बिताने से उन्हें अपने विचारों को समझने, मानसिक शांति प्राप्त करने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिलता है।
कोटा संभाग प्रभारी राजयोगिनी बृहमा कुमारी उर्मिला दीदी ने कांफ्रेंस द्वारा यूनिवर्सिटी और कुलगुरु निमित्त रंजन चौधरी का आभार जताते हुए बधाई दी और कहा की
थॉट एंड इनोवेशन सेंटर में स्थापित ध्यान कक्ष एवं परामर्श कक्ष विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक पहल के रूप में कार्य करेंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण, आत्म-जागरूकता, एकाग्रता, तनाव प्रबंधन तथा व्यक्तिगत विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक अनुकूल वातावरण उपलब्ध होगा।
यह पहल राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






