कोटा शहर के सुनियोजित विकास और निवेश को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) में आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। “कोटा डेवलपमेंट डायलॉग” के नाम से शुरू की गई इस नई और सकारात्मक पहल के तहत शहर के लगभग 30 से 40 प्रमुख बिल्डर्स और इन्वेस्टर्स ने सहभागिता की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य कोटा के भावी विकास पर चर्चा करना, प्राधिकरण के पास उपलब्ध विक्रय योग्य भूखंडों की जानकारी साझा करना और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े निवेशकों की समस्याओं को समझकर उनका त्वरित निस्तारण करना था।
संवाद के दौरान बिल्डर्स और निवेशकों द्वारा मुख्य रूप से रिज़र्व प्राइस के अधिक होने, एयरपोर्ट के समीप 8 गाँवों में 90-A/ भू-उपयोग परिवर्तन पर लगी रोक को हटाने, नीलामी की जटिल प्रक्रिया तथा फार्म हाउस योजनाओं में लीज़ दरें अधिक होने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इन पर संज्ञान लेते हुए आयुक्त महोदय ने सभी समस्याओं का बिंदुवार परीक्षण कर उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, बैठक में इन्वेस्टर्स को यह महत्वपूर्ण जानकारी दी गई कि प्राधिकरण द्वारा सेल परमिशन की बाध्यता को पहले ही समाप्त कर दिया गया है, जिससे निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं और अधिक सरल हो गई हैं। साथ ही उन्हें अवगत कराया गया कि प्राधिकरण द्वारा विकसित जीआईएस (GIS) पोर्टल के माध्यम से अब आमजन और निवेशक घर बैठे ही शहर का मास्टर प्लान और भूमि की स्थिति आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा बैठक में यह भी बताया गया कि प्राधिकरण द्वारा बुधवार नीलामी के तहत सतत नीलामी प्रक्रिया 12 अगस्त से प्रारंभ की जा रही हे, जिसके तहत प्रारंभ में 100 विभिन्न भूखंडों की नीलामी की जा रही है, जिसकी विस्तृत विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है।
शहर के विकास में निवेशकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केडीए ने इन्वेस्टर्स को अपनी रुचि और मॉडल (जैसे- गोल्फ कोर्स, थीम पार्क, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, आईटी पार्क, रिसॉर्ट्स, टाउनशिप या अन्य विशेष कमर्शियल प्रोजेक्ट्स आदि) के अनुसार कस्टमाइज्ड प्रोजेक्ट्स लाने के लिए भी आमंत्रित किया है। इस तरह के प्रोजेक्ट्स के लिए प्राधिकरण उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने में अपना पूरा सहयोग करेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केडीए के गठन के बाद इसमें शामिल हुए 289 नए गांवों (जो कि वर्तमान परिधि क्षेत्र का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा हैं) के लिए एक विस्तृत नया मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार चौधरी, उपायुक्त अनिल सिंघल, हर्षित वर्मा एवं शिक्षा पवन, निदेशक (आयोजना) भूपेश मालव, निदेशक (अभियांत्रिकी) रवीन्द्र प्रकाश माथुर, निदेशक (वित्त) रोहित दीक्षित तथा सलाहकार (आयोजना) संदीप दंडवते भी उपस्थित रहे। अंत में, प्राधिकरण और निजी निवेशकों ने इस संवाद को एक बेहद सफल पहल मानते हुए कोटा शहर के समग्र विकास के लिए भविष्य में भी इसी तरह मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
















