नमन, गण, जाखड़ी, धनगरी व कोली नृत्य के साथ जागरण-गोंधल की प्रस्तुति ने मोहा मन
भारत सिंह चौहान✍️
कोटा /गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के अवसर पर महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला एवं सांस्कृतिक परंपरा को देशभर में पहुँचाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई की ओर से ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्रीय समाज, पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर सभागृह, डडवाड़ा, स्टेशन कोटा (राजस्थान) में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाराज इज्यराजसिंह थे। अतिथि में डॉ राजश्री गोहदकर,डॉ संगीता सक्सेना डॉ राजीव सक्सेना, डॉ मीनाक्षी शारदा ,डॉ अशोक शारदा उपस्थित थे।समाज के प्रवक्ता विशाल उपाध्याय ने बताया कि
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र की विविध लोककलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी । इनमें नमन, गण, जाखड़ी नृत्य, धनगरी नृत्य, कोली नृत्य तथा जागरण-गोंधल प्रमुख रुप से प्रदर्शित किए । इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्र के लोकजीवन, लोकपरंपरा और श्रीगणेश के प्रति भक्ति का सुंदर एवं भावपूर्ण दर्शन रसिकों को हुएं। अध्यक्ष अनिल खांडेकर एवं
सचिव भावना काले ने बताया कि
महाराष्ट्र की लोककला एवं लोकपरंपराओं को राज्य की सीमाओं से बाहर व्यापक मंच उपलब्ध कराना तथा देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मराठी बंधुओं के साथ-साथ स्थानीय रसिकों को महाराष्ट्र के सांस्कृतिक वैभव से परिचित कराना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य हैl समन्वयक उदय साटम तथा महाराष्ट्रीय समाज, कोटा-राजस्थान के सहयोग से यह सांस्कृतिक कार्यक्रम साकार हुआ
समाज के उपाध्यक्ष अमोल चावरेकर ने बताया कि
यह सांस्कृतिक उपक्रम सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एड. आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया । समाज के पदाधिकारी द्वारा जी का स्वागत किया गया। कलाकारों ने मंच पर महाराष्ट्रीयन संस्कृति के विभिन्न रंगों को प्रस्तुत किया।





