रूप चौदस पर कवि डॉ. जगदीश निराला बिखेरेंगे कविता का जादू, गीतों और गजलों से श्रोताओं को करेंगे मंत्रमुग्ध
बिगुल जैन✍️
डीडवाना साहित्य मंच के ‘जी भरकर सुनो’ कार्यक्रम में होगा राष्ट्रीय जनकवि डॉ. जगदीश निराला का एकल काव्य पाठ
डीडवाना। रूप चौदस के पावन अवसर पर साहित्य प्रेमियों को कविता, गीत और गजलों की शानदार साहित्यिक सौगात मिलने जा रही है। राजस्थानी डीडवाना साहित्य मंच की ओर से आयोजित एकल काव्य पाठ कार्यक्रम ‘जी भरकर सुनो’ में मांगरोल के प्रसिद्ध एवं ख्यातिप्राप्त राष्ट्रीय जनकवि डॉ. जगदीश निराला अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे।
राजस्थानी डीडवाना साहित्य मंच के संयोजक छोटूसिंह प्रजापति एवं राणा प्रबल प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मंच के लिए यह हर्ष और गौरव का विषय है कि राष्ट्रीय जनकवि डॉ. जगदीश निराला को एकल काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया गया है।
शनिवार को सुबह 11 बजे आयोजित इस विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में डॉ. निराला अपने लोकप्रिय गीतों, कविताओं और गजलों के माध्यम से श्रोताओं को साहित्यिक रसधारा में सराबोर करेंगे। उनकी रचनाओं में जहां भावनाओं की गहराई देखने को मिलेगी, वहीं हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियां श्रोताओं को गुदगुदाएंगी।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजस्थानी डीडवाना साहित्य मंच के लिंक के माध्यम से फेसबुक के विभिन्न ग्रुपों एवं व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध रहेगा, जिससे देशभर के साहित्य प्रेमी घर बैठे इस काव्य आयोजन का आनंद ले सकेंगे।
साहित्य और कविता के रसिकों के लिए यह आयोजन रूप चौदस पर एक यादगार साहित्यिक उपहार साबित होगा।








