18 साल से सज रही अनोखी झांकी, इस बार माता-पिता को बच्चों के लिए समय देने और अच्छे संस्कार सीखने का संदेश; दूर-दूर से पहुंच रहे लोग
कोटा। रामपुरा कोतवाली वाली गली में समाजसेवी डॉ. दुर्गा शंकर सैनी और उनके परिवार की ओर से सजाई गई गणपति बप्पा की अनोखी झांकी इन दिनों सोशल मीडिया पर आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आज गणपति को लगाया गया छप्पन भोग का प्रसाद। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और रिमोट से संचालित गणपति बप्पा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। झांकी में गणपति बप्पा अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती के हाथ जोड़कर चक्कर लगाते नजर आते हैं। इसके जरिए संदेश दिया गया है कि माता-पिता की परिक्रमा करना ही पूरी पृथ्वी की परिक्रमा के समान है। गणपति बप्पा को छप्पन भोग भी लगाया गया है। झांकी युवाओं और खासकर नई जेनरेशन के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग मोबाइल में झांकी के वीडियो और तस्वीरें कैद कर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।
डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने बताया कि उनके परिवार की ओर से पिछले 18 वर्षों से अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा की अनोखी झांकी सजाई जा रही है। इस बार झांकी के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को संदेश दिया गया है कि मोबाइल में ज्यादा समय बिताने के बजाय बच्चे माता-पिता के साथ समय बिताएं, उनके संस्कार और अच्छे आचरण को सीखें और जीवन में अपनाएं।पूर्व में गजानन एयरलाइंस,ऑपरेशन सिंदूर,राममंदिर,बेटी बचाव गणपति,पेड़ वाले गणपति,कोरोना भगाओ,अक्षतदाल , रामलला विराजमान,डॉक्टर बेटी को न्याय,अन्य संजीव झाकी जनचर्चित रही है नरेंद्र मेघवाल,नरेंद्र नागर,घनश्याम बगड़ी,हनुमान प्रसाद, मुकेश मालव,अजय सक्सेना ,डॉ गिरिराज डॉ राजेश समर,मूर्तिकार पकज भास्कर,मोनू मेघवाल दीपक ,शंकर लाल,देवेंद्र,राजेंद्र,गौरव तंवर सौरव तंवर ,जीतू,तुषार सुमन,सहित अनेक सहयोगी रहे है






