अपना घर आश्रम ने दो लावारिसों को परिवार से मिलाया
भारत सिंह चौहान की रिपोर्ट
कोटा,/मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपना घर आश्रम ने दो लावारिस मानसिक विमंदित लोगों को उपचार और देखभाल के बाद उनके परिजनों से मिलवाया। आश्रम की इस पहल से टूटे परिवार फिर से जुड़ गए।
पहला मामला: मंगू 3 साल बाद पहुंचा खरगोन मध्यप्रदेश ,अपना घर आश्रम के अनुसार 7 मार्च 2023 कोटा रेलवे स्टेशन से एक लावारिस मानसिक विमंदित पुरुष को लाया गया था। उसने अपना नाम “मंगू”बताया और उम्र लगभग 30 वर्ष थी। वह अपना पता नहीं बता पा रहा था।
आश्रम में इलाज, देखभाल और काउंसलिंग के बाद धीरे-धीरे उसने अपने बारे में जानकारी दी। सूचना मिलने पर उसका भाई तोताराम और चचेरा भाई जिनेन्द्र अपना घर आश्रम पहुंचे। पहचान की पुष्टि के बाद मंगू को उनके साथ घर भेज दिया गया।
मंगू मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के जोजन खेड़ी गांव का रहने वाला है। घर पहुंचे परिजनों ने आश्रम के कार्यों की खूब सराहना की और आभार जताया।
दूसरा मामला: अहमदाबाद की वर्षा 2 महीने बाद पति के साथ गई,
वहीं लगभग दो माह पहले भवानीमंडी क्षेत्र से एक 19 वर्षीय लावारिस युवती को आश्रम लाया गया था। उसने अपना नाम वर्षा बताया। काउंसलिंग और पूछताछ में पता चला कि वह अहमदाबाद, गुजरात की रहने वाली है।
आश्रम ने थाना एलिस ब्रिज,अहमदाबाद पुलिस के माध्यम से उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही उसका पति रंजीत गणेश भाई कोटा पहुंचा और वर्षा को अपने साथ ले गया।
रंजीत ने बताया कि वर्षा मानसिक विमंदित रोग से ग्रसित है, जिसके कारण वह बिना बताए घर से निकल गई थी। दो माह तक भटकने के बाद अपना घर आश्रम ने उसे सहारा दिया।
आश्रम के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस, प्रशासन और आमजन के सहयोग से ही लावारिसों को उनके घर तक पहुंचाया जा सकता है। अपना घर आश्रम पिछले कई वर्षों से बेसहारा, वृद्ध और मानसिक रोगियों की सेवा में लगा हुआ है।





