– अशफाक अंसारी
कोटा / विज्ञान नगर स्थित एक निजी स्कूल में महान स्वतंत्रता सैनानी चंद्रशेखर आज़ादका जन्म दिन मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जाहिद निजामी ने कहा कि, चन्द्र शेखर आजाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान क्रांतिकारियों में थे जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा दी। उनका जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश के भाबरा गाँव में हुआ था। वे बचपन से ही निर्भीक, स्वाभिमानी और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे।
उम्मीद एक सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉ. रियाज़ खान ने बताया कि, असहयोग आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी पर जब उनसे नाम पूछा गया, तो उन्होंने “आज़ाद”, पिता का नाम “स्वतंत्र” और पता “जेलखाना” बताया। तभी से वे “चंद्रशेखर आज़ाद” कहलाए। उन्होंने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के माध्यम से क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित किया और युवाओं में स्वतंत्रता की अलख जगाई।
ए एम पी के कोटा जिला प्रभारी इंजी. सिराज अहमद अंसारी ने कहा कि, आज़ाद ने प्रण लिया था कि वे कभी अंग्रेजों के हाथ जीवित नहीं पकड़े जाएंगे। 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में घिर जाने पर उन्होंने अंतिम गोली स्वयं को मारकर अपने संकल्प को निभाया। उनका जीवन साहस, त्याग और देशप्रेम की अमर मिसाल है। इस अवसर पर धन्यवाद देते हुए स्कूल संचालक अरशद अंसारी ने कहा कि, स्कूल बच्चों में देश प्रेम की भावना बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजन करता हैं। जो आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर शाहनवाज हुसैन, जावेद खान, जावेद हुसैन मंटू, मुस्तनसिर सहित कई लोग मौजूद थे। संचालन नूर अहमद पठान ने किया।





