कोटा। गाड़ी संख्या 20452 अपनी यात्रा पर थी, इसी दौरान नियंत्रण कक्ष से टीटीई धर्मेंद्र खंगार को सूचना मिली कि घर से बिना बताए निकली एक नाबालिग लड़की के इसी ट्रेन में यात्रा करने की संभावना है। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र खंगार ने साथी टीटीई अजय कुमार के साथ ट्रेन के कोचों में उसकी तलाश शुरू कर दी।
लगातार तलाश के बाद दोनों टीटीई को नाबालिग जनरल कोच में यात्रा करती हुई मिली। उन्होंने बालिका को सुरक्षित निगरानी में लिया और सवाई माधोपुर पहुंचने पर लिखित मेमो के साथ रेलवे सुरक्षा बल की महिला आरक्षक अर्चना पाठक को सुपुर्द किया।
रेलवे सुरक्षा बल ने बालिका को पोस्ट पर लाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी। इसके बाद बालिका को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के सुरक्षित संरक्षण में सौंप दिया गया।
समय पर मिली सूचना और दोनों टीटीई की तत्परता व संवेदनशीलता से नाबालिग को सुरक्षित संरक्षण मिल सका। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में मिलने वाले जरूरतमंद बच्चों की सहायता और संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।






