कुछ दोहे,,,,,,,,,,
शकूर अनवर
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पंछी बस ये जानता, उड़ना उसका काम।
वो कैसे बतलायेगा,क्या अल्ला क्या राम।।
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समय चक्र के वार से,बिगड़ गया सब रूप।
चेहरे को झुलसा गई, जीवन की ये धूप।।
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लहरें रोकेगी तुझे, रोकेगी मॅंझधार।।
हिम्मत को मत हारना,मंज़िल है उस पार।।
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शकूर अनवर
9460851271






